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14 साल पहले हुई हत्या में दोषी को आजीवन कारावास
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मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने हत्या के मामले में आरोपी राजकुमार उर्फ लाला निवासी मोहल्ला शिवहरी मंदिर कॉलोनी टीपीनगर मेरठ को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में 14 साल बाद कोर्ट का यह फैसला अया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, टीपीनगर क्षेत्र की एक महिला ने अपने पति अनिल कुमार की हत्या का मुकदमा टीपीनगर थाने में दर्ज कराया था। उसने आरोप लगाया था कि राजकुमार उर्फ लाला ने 19 अप्रैल 2011 को उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। इसकी रिपोर्ट थाना टीपीनगर में दर्ज करा दी थी। इसी मुकदमे की रंजिश रखते हुए आरोपी राजकुमार ने उसके पति अनिल कुमार की हत्या कर दी थी।
अनिल का शव 20 अप्रैल को नाले में मिला था। न्यायालय में आरोपी ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। इसका सरकारी वकील ने कड़ा विरोध किया। साथ ही साक्ष्य प्रस्तुत कर सात गवाहों से गवाही कराई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राजकुमार को हत्या में दोषी करार देकर आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, टीपीनगर क्षेत्र की एक महिला ने अपने पति अनिल कुमार की हत्या का मुकदमा टीपीनगर थाने में दर्ज कराया था। उसने आरोप लगाया था कि राजकुमार उर्फ लाला ने 19 अप्रैल 2011 को उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। इसकी रिपोर्ट थाना टीपीनगर में दर्ज करा दी थी। इसी मुकदमे की रंजिश रखते हुए आरोपी राजकुमार ने उसके पति अनिल कुमार की हत्या कर दी थी।
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अनिल का शव 20 अप्रैल को नाले में मिला था। न्यायालय में आरोपी ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। इसका सरकारी वकील ने कड़ा विरोध किया। साथ ही साक्ष्य प्रस्तुत कर सात गवाहों से गवाही कराई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राजकुमार को हत्या में दोषी करार देकर आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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