फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Lakhs recovered in the name of making Aadhaar card

आधार कार्ड बनवाने के नाम पर लाखों वसूले

Sat, 13 Jun 2020 12:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2020 12:45 AM IST
विज्ञापन
Lakhs recovered in the name of making Aadhaar card
आधार कार्ड बनवाने के नाम पर लाखों वसूले
विज्ञापन

- कस्बे के एक जनसेवा केंद्र पर हुआ फर्जीवाड़ा
फलावदा। कस्बे में एक जन सेवा केंद्र पर आधार कार्ड बनाने के नाम पर धोखेबाजों ने सैकड़ों लोगों से लाखों की रकम वसूली। भेद खुलने पर धोखेबाज मौके से फरार हो गए।
सरकार द्वारा आधार कार्ड बनाने के लिए कुछ बैंक तथा डाकघर को अधिकृत किया गया है। लॉकडाउन के कारण फिलहाल बैंकों तथा डाकघर में आधार कार्ड बनाने का कार्य अधर में लटका हुआ है। मौके का लाभ उठाकर कुछ धोखेबाजों ने सिर्फ एक दिन के लिए आधार कार्ड की साइट खुलने का प्रचार कस्बे के मोहल्लों में करा दिया। देखते ही देखते कस्बे के एक जनसेवा केंद्र पर आधार कार्ड बनाने के लिए लोगों की लाइन लग गई। जन सेवा केंद्र पर दिनभर लोगों के आधार कार्ड बनाने का नाटक होता रहा। लोगों ने बताया कि आधार कार्ड बनाने के नाम पर उनसे 5 सौ रुपये प्रति आधार कार्ड वसूली की गई है। धोखेबाजी में आधार कार्ड से एड्रेस चेंज करने व नाम संशोधन के नाम पर जमकर वसूली की गई। जानकारी मिलने पर जब आधार कार्ड बना रहे लोगों से पूछताछ की गई तो वह बगले झांकने लगे। भेद खुलने का आभास होते ही वह सामान समेटकर रफूचक्कर हो गए। बताया गया है कि दिन भर में करीब दो सौ लोगों से आधार कार्ड के नाम पर वसूली की गई है। थाना प्रभारी राकेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

30 तक मस्जिदों में नहीं पढ़ी जाएगी बाजमात नमाज
फलावदा। कस्बा स्थित इमामबाड़ा मस्जिद में 30 जून तक बाजमात नमाज अदा नहीं की जाएगी। सरकार के धार्मिक स्थल खोले जाने का आदेश जारी होने के बाद शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद के जारी आदेश के बाद से अन्य मस्जिदों के मौज्जिजों ने यह फैसला लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फलावदा स्थित इमामबाड़ा मस्जिद के मुतवल्ली शाही अब्बास ने बताया कि सरकार के धार्मिक स्थल खोलने से मुस्लिम समुदाय के लोगों को कोई फायदा नही होने वाला है। क्योकि मुस्लिम समुदाय में कंधे से कंधा मिलाकर ही बाजमात नमाज पढ़ी जाती है। जबकि सरकारी आदेश में छह फीट की दूरी बनाकर नमाज पढ़ने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि मस्जिद में बाजमात कोई नमाज नहीं होगी। तीस जून तक मस्जिदों में अकेले सिर्फ फुरादा नमाज पढ़ी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed