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Meerut News: कूड़ा एकत्र करने में हो रहा लाखों का खेल, सफाई कर्मचारी संघ ने उठाई आवाज
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पालिका प्रशासन पर घोटाले और कर्मचारियों के शोषण के गंभीर आरोप लगाए
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में कूड़ा कलेक्शन के नाम पर हर माह लाखों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने सोमवार को तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
संघ के जिलाध्यक्ष विक्की पार्चा के नेतृत्व में पहुंचे सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पालिका पिछले 15 वर्षों से आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों का पीएफ पूर्ण रूप से जमा नहीं करा रही है। ठेकेदार द्वारा पीएफ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है जिसकी जांच की मांग की गई। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन से प्रतिमाह 300 रुपये स्वास्थ्य बीमा के लिए काटे जा रहे हैं लेकिन अब तक किसी को भी उसका लाभ नहीं मिला।
वहीं, दो माह पूर्व ईओ के आदेश पर नियुक्त 14 सफाई कर्मचारियों को बिना नोटिस हटा दिया गया और वेतन भी नहीं दिया गया, जिन्हें पुनः सेवा में बहाल करने की मांग की गई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कई सफाईकर्मियों को ब्रेक लॉक में रखकर कार्यालयों में बैठा दिया गया है जिससे बाकी कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। वहीं घर-घर से एकत्रित कूड़े से खाद बनाकर हर माह करीब ढाई लाख रुपये की आमदनी होनी चाहिए लेकिन पालिका कोष में यह राशि नहीं पहुंच रही।
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आरोप है कि ठेकेदार पालिका से पांच लाख रुपये वसूलता है, जबकि मात्र 10 हजार रुपये की रसीद दिखाता है। संघ ने इसे कूड़ा कलेक्शन में बड़ा घोटाला बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
संघ का आरोप यह भी रहा कि 35 सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों की साठगांठ के तहत कार्यालयों में बैठाकर रखा गया है, जबकि मैदान में सफाई व्यवस्था चरमरा रही है। संघ पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में कूड़ा कलेक्शन के नाम पर हर माह लाखों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने सोमवार को तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
संघ के जिलाध्यक्ष विक्की पार्चा के नेतृत्व में पहुंचे सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पालिका पिछले 15 वर्षों से आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों का पीएफ पूर्ण रूप से जमा नहीं करा रही है। ठेकेदार द्वारा पीएफ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है जिसकी जांच की मांग की गई। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन से प्रतिमाह 300 रुपये स्वास्थ्य बीमा के लिए काटे जा रहे हैं लेकिन अब तक किसी को भी उसका लाभ नहीं मिला।
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वहीं, दो माह पूर्व ईओ के आदेश पर नियुक्त 14 सफाई कर्मचारियों को बिना नोटिस हटा दिया गया और वेतन भी नहीं दिया गया, जिन्हें पुनः सेवा में बहाल करने की मांग की गई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कई सफाईकर्मियों को ब्रेक लॉक में रखकर कार्यालयों में बैठा दिया गया है जिससे बाकी कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। वहीं घर-घर से एकत्रित कूड़े से खाद बनाकर हर माह करीब ढाई लाख रुपये की आमदनी होनी चाहिए लेकिन पालिका कोष में यह राशि नहीं पहुंच रही।
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आरोप है कि ठेकेदार पालिका से पांच लाख रुपये वसूलता है, जबकि मात्र 10 हजार रुपये की रसीद दिखाता है। संघ ने इसे कूड़ा कलेक्शन में बड़ा घोटाला बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
संघ का आरोप यह भी रहा कि 35 सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों की साठगांठ के तहत कार्यालयों में बैठाकर रखा गया है, जबकि मैदान में सफाई व्यवस्था चरमरा रही है। संघ पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।