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हस्तिनापुर सेंचुरी में राष्ट्रीय पक्षी की संख्या में हो रहा इजाफ़ा

Fri, 18 Dec 2020 01:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Dec 2020 01:20 AM IST
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kubebe mein ijaapha, mor kee badhee huee aavaazajee Kubebe increased, peacock increased voice
कुनबे में इजाफा, मोर की बढ़ी आवाजाही
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- मोरनियों का नाचना लोगों को कर रहा आकृषित
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। सेंक्चुअरि क्षेत्र में मौजूद जंगलों में लगातार राष्ट्रीय पक्षी मोर की आवाजाही बढ़ रही है। जिससे इनके कुनबे में इजाफा हो रहा है। सेंक्चुअरि में मौजूद सैकड़ों मोर मोरनियों को रिझाने के लिए पंख फैलाकर नाच रहे हैं, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खिंचता है।
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि को चिन्हित करने के लिए संबंधित जिलों से अफसरों से लेकर प्रदेश सरकार तक कवायद में जुटी है। परंतु इसकी सीमा को अभी तक चिन्हित नहीं किया जा सका है। जानकारी के अनुसार हस्तिनापुर सेंक्चुअरि का मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर सहित अन्य जिलों में मिलती है। बृहस्पतिवार को भी काफी संख्या में मोर एक खेत में मस्ती करते हुए दिखाई दिए। जनवरी से अगस्त तक मोर का प्रजनन काल होता है। सितंबर के महीने में मोरनी अंडे देती है। अक्तूबर और नवंबर में बच्चे बाहर आ जाते हैं।
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गंगा का बड़ा भूभाग में और साथ में झील
सेंक्चुअरि में मौजूद गंगा का बड़ा भूभाग और झीलें स्वदेशी और पर्यटक पक्षियों को भी अपनी और आकर्षित करती हैं यहां पर इनके भोजन की पर्याप्त व्यवस्था है यहां गंगा किनारे लगभग तीन हजार एकड़ में फैली हुई झीलें है। साथ ही यहां झीलों में हजार एकड़ वन क्षेत्र मौजूद है। सेंक्चुअरि में मौजूद झील और गंगा की गोद में लगभग 250 प्रजाति के पक्षी निवास करते हैं। विदेशी पक्षी मेहमानों के लिए झील अनुकूल है। जिसके चलते हजारों की तादाद में विदेशी सरजमीं से मेहमान परिंदे यहां की शोभा बढ़ाते हैं।
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गंगा में है डॉल्फिन तो झील में है कछुए
वाइल्ड लाइफ के वैज्ञानिक संजीव यादव के अनुसार गंगा बैराज के निचले क्षेत्र में डॉल्फिन पल रही हैं जबकि झील में कछुए निवास कर रहे हैं। सेंचुरी में मौजूद गंगा घड़ियाल भी काफी तादाद में मौजूद हैं। जिनकी देखरेख के लिए वन विभाग के अधिकारी लगाए गए हैं।

संख्या में हुआ इजाफा
रेंजर नवरत्न सिंह का कहना है कि सेंक्चुअरि में मौजूद मोर की गणना नहीं की गई है, हालांकि मोर कि जहां-तहां सेंक्चुअरि में उपस्थिति देख कर लग रहा है कि इनकी संख्या में इजाफा हुआ है जो सुखद परिणाम है वहीं कई जीवों के संरक्षण को लेकर कार्य योजना बनाई जा रही है। सेंचुरी में सुरक्षा के साथ यहां अनेक विकास कार्य भी कराए जाने प्रस्तावित रखे गए हैं।
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