दौराला। कस्बे के आर्य समाज परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचिका आराधिका ने कहा कि महिलाएं गृह कार्य करते समय भी ज्ञान प्राप्त कर सकती है। मेहनत और ईमानदारी से कार्य करने पर फल स्वत: ही प्राप्त हो जाता है। उन्होंने कथा के दौरान भजनों की भी प्रस्तुति दी। इसे सुनकर श्रद्धालु झूम उठे।
बुधवार को कथा में मुख्य यजमान सोनू चौहान, राजपाल रहे। पुरुषोत्तम उपाध्याय ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। कथा वाचिका ने कहा कि गीता मनुष्य को अधर्म और अनीति के समक्ष दृढ़ संकल्पित होकर संघर्ष करने की प्रेरणा देती है। कहा कि गीता योग शास्त्र है, इसे सभी को आत्मसात करना चाहिए, जब सच्चा ज्ञान हो तो पत्थर में भी भगवान नजर आते हैं। गीता अज्ञानता को दूर करती है। श्रद्धालुओं ने कथा में भजनों पर नृत्य किया। वहीं, कथा में विभिन्न झांकियों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान जतिन गुप्ता, बीना, मीना, नरेंद्र, रविंद्र, वैभव, दीपक, विजय आदि मौजूद रहे।