चर्चित पेद्दा कांड में जेल में बंद एश्वर्य चौधरी मौसम को जमानत की उम्मीद नहीं थी। उनकी जमानत याचिका पहले भी कई बार खारिज कर दी गई थी। शासन ने भी उनका केस जनहित में वापस लेने का प्रार्थना पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया था, लेकिन उसे भी निरस्त कर दिया गया था। एश्वर्य की गिरफ्तारी में भाजपा नेताओं की भीड़ उमड़ी थी।
कौन है एश्वर्य चौधरी... जिनकी गिरफ्तारी पर बदल गई थी पश्चिम की सियासत, उमड़ी थी खूब भीड़
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पेद्दा कांड में एश्वर्य चौधरी के नामजद होने के बाद जिले भर में वकीलों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी झूठी नामजदगी पर गुस्सा जताते हुए प्रदर्शन किया था। तब भाजपा विधायक स्व. लोकेंद्र चौहान, भाजपा के प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, विधायक अशोक राणा सहित तमाम नेता उनकी गिरफ्तारी के समय मौजूद रहे थे। एश्वर्य की गिरफ्तारी में भारी भीड़ उमड़ी थी। पुलिस द्वारा विवेचना में नामजद किए जाने को ठोस आधार न मानते हुए उनकी जमानत होने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उनकी जमानत याचिका हर बार खारिज होती रही।
जजों के बाद हाईकोर्ट के वकीलों ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कुछ समय पहले उनका नाम केस से निकालने के लिए शासन स्तर से भी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उसे भी कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया था। एश्वर्य के समर्थक लंबे समय से उनकी जमानत मंजूर होने का इंतजार कर रहे थे। लोकसभा चुनाव से पहले उनकी जमानत होने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन फिर से मामला अटक गया था।
इस बीच गवाहों ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा था कि एश्वर्य इस घटना में शामिल नहीं थे। उन्हें किसी ने भी मौके पर नहीं देखा था। किसी रंजिश के तहत उन्हें फंसाया गया। बुधवार को जमानत याचिका मंजूर होने के बाद एश्वर्य के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। दो, चार दिन में उनके जेल से बाहर आने की उम्मीद है।
गरमा गई थी पश्चिमी यूपी की सियासत, पत्नी बन गई विधायक
पेद्दा कांड के बाद जिले की ही नहीं बल्कि पश्चिमी यूपी की सियासत गरमा गई थी। भाजपा ने इस मामले को पूरे जोरशोर से उठाया था। इस मामले में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, कांग्रेस नेता राशिद अलवी सहित कई बड़े नेताओं ने बिजनौर का दौरा किया था। पेद्दा कांड में आरोपी बनने के बाद भाजपा ने हिंदू वोटों को साधने के लिए उनकी पत्नी सुचि चौधरी को बिजनौर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया। सहानुभूति की लहर में सुचि चौधरी रिकॉर्ड मत पाकर विजेता रहीं। संघ की पूरी लॉबी इस कांड में एश्वर्य चौधरी की मदद करने में लगी रही।
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