Double Murder: चाकू, खून से सने कपड़े व नाखूनों में मिले बाल फोरेंसिक लैब भेजे, नींद की गोलियां भी अहम सबूत
दंपत्ति हत्याकांड के मामले में पुलिस ने आरोपियों को सजा दिलाने के मामले में सबूत जुटाना शुरू कर दिया है। खून से सना चाकू और बाल फॉरेंसिक लैब भेजे जाएंगे। दंपती का विशसरा भी सुरक्षित रखा गया है।
विस्तार
मेरठ के शास्त्रीनगर सेक्टर छह में प्रमोद कर्णवाल और उनकी पत्नी ममता की हत्या में पुलिस ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए मजबूत साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। चाकू और आरोपियों के खून से सने कपड़ों को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है।
मौके पर संघर्ष में ममता के नाखूनों में आदित्य के बाल भी मिले थे, इन्हें भी मिलान के लिए लैब भेजा गया है। पुलिस मेडिकल स्टोर से लेकर घर के पास तक लगे सीसीटीवी की फुटेज और मोबाइल की सीडीआर को भी चार्जशीट का हिस्सा बना रही है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश किए जाएंगे ताकि दोनों हत्यारोपियों को सख्त से सख्त सजा हो सके।
प्रमोद कर्णवाल और उनकी पत्नी ममता की हत्या में आरोपी बेटे आर्यन और उसके दोस्त आदित्य के खिलाफ सारे साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। गढ़ रोड के जिस मेडिकल स्टोर से आरोपियों ने नींद की गोलियां खरीदी थीं, वहां की सीसीटीवी फुटेज ली गई है। घर के पास लगे कैमरों की सीसीटीवी फुटेज को भी साक्ष्यों में शामिल किया जा रहा है।
आदित्य के मोबाइल से आर्यन ने रात को 11 बजकर 19 मिनट पर प्रमोद कर्णवाल को फोन करके गेट खुलवाया था, सीडीआर के इस साक्ष्य को भी सुबूतों में शामिल किया जा रहा है। हत्यारोपियों ने खैरनगर से चाकू खरीदे थे, उसके दुकानदार के भी बयान लिए जा रहे हैं। दोहरे हत्याकांड से पहले पौने नौ बजे से सवा 11 बजे तक वह जिस रेस्टोरेंट में गए, वहां की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा आर्यन के दादा नरेंद्र प्रताप और दादी विनोद बाला के बयान भी रिकॉर्ड किए गए हैं।
लैब में भेजे गए खून से सने कपड़े
सीओ सिविल लाइन अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि आर्यन और आदित्य के कपड़ों पर प्रमोद कर्णवाल और ममता का खून लगा था, उन कपड़ों की मोदीनगर के निवाड़ी की फोरेंसिक लैब में जांच कराई जा रही है। दोनों चाकू और ममता के नाखूनों में मिले बालों की फोरेसिंक जांच रिपोर्ट चार्जशीट का हिस्सा होगी।
विसरा जांच में नींद की गोलियां भी बनेंगी सुबूत
प्रमोद कर्णवाल और ममता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं आने पर विसरा जांच के लिए भेजा गया था। जो नींद की गोलियां मिली हैं, उनका विसरा में क्या असर रहा, इसका भी फोरेसिंक तथ्य रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
सीबीआई से दर्शाता था खुद को आर्यन
आर्यन ने अपने ट्रूकॉलर की प्रोफाइल में अपना नाम सेट्रल ब्यूरो ऑफ इंडिया दिनेश राणा लिखा हुआ था। आदित्य के मोबाइल पर उसने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंडिया आदित्य कौशिक नाम से आईडी बनाई हुई थी। आर्यन जब किसी अंजान को फोन करता था तो उसके मोबाइल पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंडिया दिनेश राणा लिखा आता था। वो ऐसा इसलिए करता था ताकि लोगों पर रौब झाड़ सके।
आर्यन की प्रेमिका से भी की पुलिस ने बात
आर्यन की प्रेमिका खतौली में रहती है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उससे भी फोन पर बात की। प्रेमिका ने बताया कि उसे इस वारदात के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
ये थी घटना
नौचंदी थाना क्षेत्र के सेक्टर छह में रहने वाले प्रमोद कर्णवाल (50) और उनकी पत्नी शिक्षिका ममता (45) की सोमवार रात को घर में गला काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए प्रमोद के बेटे आर्यन (22) और उसके दोस्त आदित्य (21) को गिरफ्तार किया था। आर्यन ने पुलिस को बताया था कि पिता शराब पीकर मां ममता की पिटाई करते थे। इससे आर्यन पिता से नफरत करने लगा था। इसके चलते उसने दोस्त आदित्य के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बना ली। हत्या के समय मां की नींद खुली गई इसलिए मजबूरी में उसको भी मारना पड़ा।
हत्यारोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल की सीडीआर को साक्ष्य में शामिल किया जा रहा है। चाकू, खून से सने कपड़ों आदि की फोरेसिंक जांच कराई जा रही है। पुलिस ठोस सुबूतों के आधार पर मजबूत चार्जशीट दाखिल करेगी। - रोहित सिंह सजवाण
आर्यन की गलती भुगतेगा परिवार, बूढे़ दादा-दादी का कौन रखेगा ख्याल
आर्यन ने मां-बाप की हत्या करके पूरे परिवार को जिंदगीभर का जख्म दे दिया है। आर्यन के बूढ़े दादा-दादी सुबकते हुए यही कह रहे हैं कि उनका अब क्या होगा। कालोनी के लोग आर्यन के जुर्म पर कह रहे हैं कि बुढ़ापे में दादा-दादी की जिंदगी खराब कर दी।
पुलिस आर्यन के खिलाफ जिस मजबूती से साक्ष्य जुटा रही है, उससे जमानत मिलना आसान नहीं होगा। प्रमोद कर्णवाल और उनकी पत्नी ममता की हत्या के बाद परिवार में सिर्फ आर्यन की बहन कनिष्का ही बची है। बूढ़े दादा-दादी को अपने भविष्य के साथ कनिष्क की चिंता सता रही है। लोगों का कहना है कि आर्यन ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।
अंतिम संस्कार किया लेकिन नहीं कर पाया अस्थियां विसर्जित
आर्यन ने अपने माता-पिता की चिता को मुखाग्नि दी, लेकिन जेल जाने के बाद वह उनकी अस्थियां विसर्जित नहीं कर पाया। बृहस्पतिवार को प्रमोद अग्रवाल के बहनोई संजय और पिता नरेंद्र प्रताप ने अस्थियां चुनने के बाद उन्हें ब्रजघाट गंगा में विसर्जित किया।