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डेढ़ दिन में ‘वकील साहब’ खा गए 11 हजार का खाना, जानें क्या है मामला
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Thu, 22 Dec 2016 06:34 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव पर शिकंजा कसता जा रहा है। फर्जी बिलों के भुगतान की परतें खुलती जा रही हैं। उन्होंने विवि के वकील के खाने और रहने के फर्जी बिल लगाए हैं। 36 घंटे में 100 रोटी, 15 प्लेट पनीर और 15 प्लेट सब्जियों के बिल संलग्न किए हैं। कोर्ट ने इन बिलों पर कड़ी टिप्पणी की है।
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सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने कृषि विवि के सहायक कुलसचिव देवेंद्र यादव पर सरकारी पैसे के गबन का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। एक सप्ताह पहले हाईकोर्ट ने कड़ा रुख लेते हुए देवेंद्र यादव के खिलाफ दौराला थाने में रिपोर्ट दर्ज करने और गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। संदीप पहल द्वारा मांगी गई आरटीआई में फर्जी बिलों का मामला खुला है। कृषि विवि के वेटनरी कॉलेज का मामला हाईकोर्ट लखनऊ में चल रहा था। विवि की ओर से हाईकोर्ट के एक वकील पैरवी कर रहे थे। देवेंद्र यादव ने वकील को होटल में रोकने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया। करीब 11 तारीखों में वकील को लखनऊ के होटल रीगल रीजेंसी में रुकवाया। 36 घंटे होटल में रुकने पर एक बार के बिल में एक व्यक्ति के 100 रोटी, 15 प्लेट दाल, 15 प्लेट पनीर, 15 प्लेट सूखी सब्जी, 15 प्लेट सलाद और 16 चाय का बिल लगाया गया। एक बार के करीब 11 हजार रुपये का बिल लगाया। बिल का भुगतान विवि प्रबंधन ने कर भी दिया। इसका खुलासा बाद में हुआ है। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने भी पूछ लिया कि क्या एक व्यक्ति इतना खाना खा सकता है। हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच शुरू हो गई है।
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केस खत्म होने के बाद भी लगाए बिल
सहायक कुलसचिव अपने ही बुने जाल में फंस गए हैं। जिन बिलों का भुगतान लिया है, उनमें अधिकांश ऐसे हैं जो केस खत्म होने की तिथि के बाद के हैं।
होटल मालिक ने किया इनकार
लखनऊ के जिस होटल के बिल लगाए हैं, उसके मालिक ने बिलों को फर्जी बताया है। उनका कहना है कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके यहां पर रुका ही नहीं है।
पुलिस से करेंगे शिकायत
सहायक कुलसचिव द्वारा लगाए गए सभी बिल फर्जी हैं। एक व्यक्ति 36 घंटे में 11 हजार रुपये का खाना नहीं खा सकता है। पूरे मामले की शिकायत हाईकोर्ट में की गई है। स्थानीय पुलिस से भी शिकायत की जाएगी।
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- संदीप पहल, सच संस्था अध्यक्ष
सख्त होगी कार्रवाई
बिलों के बारे में सूचना मिली है। पूरे मामले में जांच चल रही है। अगर फर्जी बिलों से भुगतान लिया गया है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। - डॉ. गया प्रसाद, कुलपति