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मेरठ: संकट में दर्जनों गांवों के किसान, एप्रोच रोड दुरुस्त न होने से सता रहा ये डर, आखिर कब सुधरेंगे हालात
Sat, 08 Oct 2022 04:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Oct 2022 04:57 PM IST
सार
दर्जनों गांवों के किसान संकट में हैं। अभी तक एप्रोच रोड दुरुस्त न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को यह डर सता रहा है कि फसल को घर कैसे लाएंगे।
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एप्रोच रोड पर संकट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इन दिनों हस्तिनापुर में गंगा के आसपास लगते गांवों के किसान संकट में हैं। गंगा पार बिजनौर क्षेत्र में उनके खेत हैं। गंगा पुल की एप्रोच रोड पानी के तेज बहाव से टूट जाने के बाद किसानों की परेशानी बढ़ गई है। जान संकट में डालकर नाव से गंगा पार तो कर पा रहे हैं। लेकिन आगामी दिनों में उन्हें फसल अपने क्षेत्र में लाने के लिए समस्या पैदा हो जाएगी।
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खादर क्षेत्र के गांव भीमकुंड, मनोहरपुर, लतीफपुर, सिरजोपुर हादीपुर गावड़ी, फतेहपुर प्रेम आदि दर्जनों गांवों के किसानों का कहना हैं कि गंगा पुल की एप्रोच रोड टूटने से उनकी करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद हो रही है। एप्रोच रोड जल्द दुरुस्त होने की भी कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। वह जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे गंगा पार खेती करने जाते हैं। कई बार नाव में हादसे होते-होते बचे हैं। लेकिन परिवार के पालन पोषण के लिए जिंदगी दांव पर लगाकर खेती करना जरूरी हो गया है।
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ग्रामीण विजयपाल, कुलदीप, सोहनवीर, सतीश, किशनपाल, रामअवतार, बृजपाल आदि ने बताया कि 28 जुलाई को गंगा के तेज बहाव ने एप्रोच रोड को तबाह कर दिया था। करीब दो महीने का समय बीत चुका है। प्रशासनिक अधिकारियों ने एक सप्ताह में एप्रोच रोड दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। जल्द एप्रोच रोड दुरुस्त नहीं हुई तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। उन्हें फसल औने-पौने दामों में बेचनी पड़ेगी।
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