{"_id":"5784041d4f1c1b177a13dff8","slug":"katre-me-aaspaas","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे में आसपास की बिल्डिंग और बाजार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे में आसपास की बिल्डिंग और बाजार
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Tue, 12 Jul 2016 02:10 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंगला नंबर 210 बी का आरआर मॉल शनिवार को ध्वस्त हो गया। लेकिन यह अभी भी स्थानीय लोगों के लिए खतरा बना है। कैंट बोर्ड की कार्रवाई के दौरान जहां बिल्डिंग पूरी तरह ध्वस्त नहीं हुई है। वहीं इसका लेंटर कई जगह से लटक गया है। ऐसे में तेज बारिश या हल्के से झटके से यह पूरा गिर सकता है। जिससे आसपास की बिल्डिंग या दुकानों पर खतरा बना हुआ है।
कैंट बोर्ड की इस कार्रवाई में चार लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। चार मंजिला मॉल के ग्राउंड फ्लोर को छोड़कर अन्य सभी फ्लोर ध्वस्त हो चुके हैं।
लेकिन इनका मलबा ग्राउंड फ्लोर और सड़क पर फैला पड़ा है। ऐसे में कई जगह से ग्राउंड फ्लोर की छत और पिलर भी लटक रहे हैं। जिससे इस मॉल के एक तरफ बने मकानों पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा ध्वस्त मॉल के दो तरफ काफी छोटी सड़क है, जो मॉल के टूटे मलबे से भरी हुई है।
विज्ञापन
अगर हल्के झटके, भूकंप या तेज बारिश से यह फ्लोर भी गिरता है, तो मलबा आसपास के मकानों और दुकानों को चपेट में ले सकता है। इस घटना के बाद से कैंट बोर्ड अधिकारी गायब हैं। ऐसे में इस मलबे को हटाने वाला भी कोई नहीं है। वहीं, जिला प्रशासन का ध्यान भी इस ओर नहीं गया है।
बारिश में भरेगा पानी
बारिश होने से इस ध्वस्त मॉल में पानी भर जाएगा। जिससे इसका वजन ज्यादा होने से यह ढह सकता है। ऐसे में एक और बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई है। लेकिन प्रशासन की तरफ से इसके लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
कैंट बोर्ड की इस कार्रवाई में चार लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। चार मंजिला मॉल के ग्राउंड फ्लोर को छोड़कर अन्य सभी फ्लोर ध्वस्त हो चुके हैं।
विज्ञापन
लेकिन इनका मलबा ग्राउंड फ्लोर और सड़क पर फैला पड़ा है। ऐसे में कई जगह से ग्राउंड फ्लोर की छत और पिलर भी लटक रहे हैं। जिससे इस मॉल के एक तरफ बने मकानों पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा ध्वस्त मॉल के दो तरफ काफी छोटी सड़क है, जो मॉल के टूटे मलबे से भरी हुई है।
विज्ञापन
अगर हल्के झटके, भूकंप या तेज बारिश से यह फ्लोर भी गिरता है, तो मलबा आसपास के मकानों और दुकानों को चपेट में ले सकता है। इस घटना के बाद से कैंट बोर्ड अधिकारी गायब हैं। ऐसे में इस मलबे को हटाने वाला भी कोई नहीं है। वहीं, जिला प्रशासन का ध्यान भी इस ओर नहीं गया है।
बारिश में भरेगा पानी
बारिश होने से इस ध्वस्त मॉल में पानी भर जाएगा। जिससे इसका वजन ज्यादा होने से यह ढह सकता है। ऐसे में एक और बड़ा हादसा होने की संभावना बनी हुई है। लेकिन प्रशासन की तरफ से इसके लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।