कठुआ गैंगरेप-हत्या केस: बदनामी के डर से सीसीएसयू ने बैठाई जांच
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कठुआ में बच्ची की हत्या के मामले में जम्मू एसआईटी द्वारा यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए जाने के बाद चौधरी चरण सिंह विवि प्रशासन जाग गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रो-वाइस चांसलर ने जांच समिति का गठन कर दिया है। समिति जल्द पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देगी। इससे जम्मू एसआईटी के आरोपों का सच उजागर होगा कि बच्ची की हत्या में आरोपी बनाया गया छात्र विशाल जंगोत्रा वारदात के दिन खुद परीक्षा दे रहा या फिर उसकी जगह कोई डमी।
जम्मू के कठुआ में दस जनवरी को आठ साल की बच्ची गायब हो गई थी। 17 जनवरी को उसका शव बरामद हुआ था। इस मामले में बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने सांझीराम नाम के एक व्यक्ति, उसके नाबालिग भतीजे और एसपीओ दीपक खजूरिया को गिरफ्तार किया था। मामले में पुलिस ने सांझीराम के बेटे विशाल जंगोत्रा को 17 अप्रैल को मीरापुर मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया। विशाल मीरापुर में रहकर मुजफ्फरनगर के आकांक्षा कॉलेज से बीएससी एजी कर रहा था। विशाल ने दावा किया था कि वो वारदात वाले दिन खतौली के केके जैन कॉलेज में परीक्षा दे रहा था।
एसआईटी का दावा डमी ने दिया पेपर
इस मामले में जम्मू एसआईटी ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट में बताया कि विशाल झूठ बोल रहा था। वारदात के दिन वो जम्मू आया था। उसकी जगह सेंटर पर पेपर किसी अन्य युवक ने दिए थे। एसआईटी ने यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारियों और कॉलेज चेयरमैन पर पैसे लेकर विशाल को बचाने की बात कही है। एसआईटी विवि से विशाल की कॉपियों के साथ सारे दस्तावेज और कॉलेज से सीसीटीवी की डीवीआर भी ले जा चुकी है।
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बैठक कर बनाई जांच समिति
पूरे प्रकरण में विवि की बदनामी होने के बाद मंगलवार को विवि के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह ने तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया। समिति विशाल के प्रवेश पत्र से लेकर एडमिशन फार्म और तमाम दूसरे कागजातों में किए गए हस्ताक्षरों का एक्सपर्ट से मिलान कराएगी। इसके साथ ही कॉपी की हैंड राइटिंग भी मिलान कराई जाएगी। यूनिवर्सिटी के अफसरों ने कहा कि अगर विशाल की जगह पेपर किसी दूसरे युवक ने दिए थे तो इस मामले में सेंटर संचालक और ड्यूटी देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई होगी। समिति में रजिस्ट्रार, एक रिटायर प्राचार्य और प्रोफेसर को रखा गया है।
एक दिन में कैसे ढूंढ लिया सॉल्वर
जम्मू एसआईटी ने चार्जशीट में कहा है कि विशाल को मुख्य आरोपी दीपक खजूरिया ने 11 जनवरी को फोन कर जम्मू बुलाया था। विशाल मुजफ्फरनगर से 12 जनवरी की सुबह छह बजे जम्मू पहुंचा। ऐसे में अगर एसआईटी की बात सच भी मान ली जाए तो बड़ा सवाल ये है कि विशाल ने एक दिन ही परीक्षा देने के लिए सॉल्वर कैसे ढूंढ लिया। यूनिवर्सिटी की जांच में ये सब साफ हो जाएगा।
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