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कार्तिक पूर्णिमा पवित्र एवं पुण्यकारी
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हस्तिनापुर। हिंदू धर्म शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा पवित्र एवं पुण्यकारी पर्व बताई है। इस दिन भगवान ने सायंकाल में मत्स्य अवतार लिया था। इसी तिथि में गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ। इसीलिए कार्तिक पूर्णिमा सिख धर्म के अनुयायियों के लिए भी विशेष महत्व की है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. विभोर भारद्वाज ने बताया कि इस महापर्व पर स्नान, दान, होम, यज्ञ और उपासना का अनंत फल मिलता है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करना एवं शाम को दीपदान करना, गृहस्थ को सुख एवं संन्यास्थ को परम गति प्रदान करता है।
बनेगा राहु-चंद्र विशेष संयोग
उन्होंने बताया कि इस वर्ष राहु और चंद्रमा का विशेष संयोग 216 वर्षों बाद बन रहा है। जिसमें चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र एवं राहु मृगशिरा नक्षत्र पर होकर परस्पर युक्ति-संयोग करेंगे। दोनों ही वृष राशि में उच्च का फल दे रहे होंगे। यह ज्योतिष में विष्णु वासुकी योग कहलाता है। इस योग में मछलियों को भोजन एवं पीतल की मछली, शिव मंदिर में दान करने से सर्प दोष एवं राहु पर चंद्रमा के दोष से मुक्ति प्राप्त होती है
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स्नान विधि एवं स्नान मुहूर्त
गंगा जल मिलाकर किसी ऐसे स्थान पर स्नान करें जहां कच्ची भूमि हो। जिससे पवित्र गंगाजल नाली आदि में न बहे एवं स्नान का मुहूर्त सोमवार 30 नवंबर को प्रात: 8:56 से 10:02 तक मध्य और पूर्वाह्न 11:05 से दोपहर 1:20 तक उत्तम रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. विभोर भारद्वाज ने बताया कि इस महापर्व पर स्नान, दान, होम, यज्ञ और उपासना का अनंत फल मिलता है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करना एवं शाम को दीपदान करना, गृहस्थ को सुख एवं संन्यास्थ को परम गति प्रदान करता है।
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बनेगा राहु-चंद्र विशेष संयोग
उन्होंने बताया कि इस वर्ष राहु और चंद्रमा का विशेष संयोग 216 वर्षों बाद बन रहा है। जिसमें चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र एवं राहु मृगशिरा नक्षत्र पर होकर परस्पर युक्ति-संयोग करेंगे। दोनों ही वृष राशि में उच्च का फल दे रहे होंगे। यह ज्योतिष में विष्णु वासुकी योग कहलाता है। इस योग में मछलियों को भोजन एवं पीतल की मछली, शिव मंदिर में दान करने से सर्प दोष एवं राहु पर चंद्रमा के दोष से मुक्ति प्राप्त होती है
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स्नान विधि एवं स्नान मुहूर्त
गंगा जल मिलाकर किसी ऐसे स्थान पर स्नान करें जहां कच्ची भूमि हो। जिससे पवित्र गंगाजल नाली आदि में न बहे एवं स्नान का मुहूर्त सोमवार 30 नवंबर को प्रात: 8:56 से 10:02 तक मध्य और पूर्वाह्न 11:05 से दोपहर 1:20 तक उत्तम रहेगा।