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कर्म, सेवा और भक्ति से मिलता है मोक्ष : शिवम शास्त्री
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सरधना। श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन करते शिवम शास्त्री। संवाद
सरधना। विश्व भारती पब्लिक स्कूल में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में व्याख्यान करते हुए कथावाचक पंडित शिवम शास्त्री ने भागवत महात्म्य का सुंदर वर्णन प्रस्तुत किया। उन्होंने धर्म और अधर्म के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि मन, वाणी और कर्म से जो भी किसी जीव या मनुष्य के अहित का कारण बनता है, वही अधर्म है। ऐसे अधार्मिक आचरण से सुख की कामना करना मृगतृष्णा के समान है, जो अंततः व्यक्ति को दुखों से घेर देती है।
कथावाचक शिवम शास्त्री ने कहा कि परहित का विचार और व्यवहार ही सच्चा धर्म है। जब मनुष्य निष्काम भाव से सेवा, परोपकार और मानवीय संवेदनाओं के साथ कर्म करता है तो वही आचरण परम धर्म बनकर मोक्ष का द्वार खोल देता है। उन्होंने आत्मदेव, धुंधकारी और गोकर्ण जैसे पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भागवत महात्म्य के ऐसे चरित्र हैं जो जीवन के उद्देश्य, सदाचार और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाते हैं। गोकर्ण महालय हमें सिखाता है कि जीवन में भ्रम और दुखों से मुक्त होकर किस प्रकार हम धर्म का आचरण करते हुए परिवार, समाज, देश और विश्व के कल्याण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। यही मानव जीवन का परम उद्देश्य मोक्ष है।
कथा में अनिता शर्मा, श्रद्धा, रिचा, राखी, बृजेश, तनिष्क, सतीश, राजा, हर्ष, राजेश, राजू, नंदकिशोर, बृजेंद्र, बिनोद, सुबोध, अंकित, रवि, राजकुमार, जितेंद्र, गोवर्धन उपस्थित रहे।
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कथावाचक शिवम शास्त्री ने कहा कि परहित का विचार और व्यवहार ही सच्चा धर्म है। जब मनुष्य निष्काम भाव से सेवा, परोपकार और मानवीय संवेदनाओं के साथ कर्म करता है तो वही आचरण परम धर्म बनकर मोक्ष का द्वार खोल देता है। उन्होंने आत्मदेव, धुंधकारी और गोकर्ण जैसे पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भागवत महात्म्य के ऐसे चरित्र हैं जो जीवन के उद्देश्य, सदाचार और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाते हैं। गोकर्ण महालय हमें सिखाता है कि जीवन में भ्रम और दुखों से मुक्त होकर किस प्रकार हम धर्म का आचरण करते हुए परिवार, समाज, देश और विश्व के कल्याण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। यही मानव जीवन का परम उद्देश्य मोक्ष है।
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कथा में अनिता शर्मा, श्रद्धा, रिचा, राखी, बृजेश, तनिष्क, सतीश, राजा, हर्ष, राजेश, राजू, नंदकिशोर, बृजेंद्र, बिनोद, सुबोध, अंकित, रवि, राजकुमार, जितेंद्र, गोवर्धन उपस्थित रहे।
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