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कपसाड़ कांड : मेडिकल परीक्षण कराने के लिए जेल से जिला अस्पताल लाया गया आरोपी

Thu, 14 May 2026 08:44 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2026 08:44 PM IST
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Kapsad incident: Accused brought from jail to district hospital for medical examination
सरधना के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी को सुनीता की हत्या कर बेटी रूबी को किया था अगवा
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किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर किया गया एक्स-रे, आज पूरा होगा मेडिकल परीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या कर उसकी बेटी रूबी को अगवा करने के आरोपी को बृहस्पतिवार को जिला कारागार से जिला अस्पताल लाया गया। आरोपी बालिग है या नाबालिग इसका पता लगाने के लिए उसकी हड्डियों का एक्स-रे किया गया। शुक्रवार को मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए आरोपी को फिर से जिला अस्पताल लाया जाएगा। इसके बाद 18 मई को किशोर न्याय बोर्ड में मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके बाद तय होगा कि आरोपी पर बालिग मानते हुए मुकदमा चलाया जाएगा नाबालिग मानकर सुनवाई की जाए।


सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी को अनुसूचित जाति की युवती रूबी का अपहरण किया गया था। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की सिर में फरसा मारकर हत्या कर दी गई थी। रूबी के बड़े भाई नरसी कुमार ने गांव के ही एक लड़के के खिलाफ हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस वारदात को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। आरोपियों पर कार्रवाई की मांग के लिए प्रदर्शन किया गया था। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस को गांव की नाकेबंदी करनी पड़ी थी। वारदात के तीसरे दिन 10 जनवरी को पुलिस ने रुड़की से आरोपी को गिरफ्तार कर रूबी को तलाश लिया था। रूबी के न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। वहीं, आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया था।
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आरोपी के परिजनों ने उसके नाबालिग होने का दावा किया और न्यायालय में उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट पेश की थी। न्यायालय ने आरोपी की आयु तय करने के लिए केस किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया था। इसके बाद किशोर न्याय बोर्ड में आरोपी की आयु को लेकर सुनवाई चल रही है। इसके बाद उसके स्कूल शिक्षक आदि के भी बयान दर्ज किए। पुलिस ने जघन्य अपराध करने पर आरोपी को बालिग मानते हुए आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया था। कक्षा एक से चार तक का शैक्षणिक रिकॉर्ड न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व आदेश का हवाला देते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने मंगलवार को आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया था।
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