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कपसाड़ कांड: नरसी बोला- पुलिस ने किया नजरबंद, लड़के वालों से नहीं मिलने दे रहे, टल सकती है मेरी बहन की शादी
Fri, 30 Jan 2026 08:53 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 30 Jan 2026 08:53 PM IST
सार
Meerut News: सुनीता की हत्या और रूबी के अपहरण में मामले में पीड़ितों के घर पर पुलिस सुरक्षा तैनात कर गई है। मगर सुनीता के पति सतेंद्र और बेटे नरसी ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्हें सीओ सरधना ने बेबुनियाद बताया है।
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रूबी का भाई नरसी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर नजरबंद रखने और सुनवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत में मृतका के पति सतेंद्र ने कहा कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और अनुसूचित जाति से होने के कारण उन्हें न्याय से वंचित किया जा रहा है।
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रूबी और पारस।
- फोटो : अमर उजाला
सुनीता के पुत्र नरसी ने आरोप लगाया कि परिवार को 24 घंटे पुलिस पहरे में रखा जा रहा है। न किसी रिश्तेदार से मिलने दिया जा रहा है और न ही कहीं आने-जाने की अनुमति मिल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासन उनके फोन तक टैप करवा रहा है।
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सुनीता की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि आठ जनवरी को गांव के ही युवक पारस सोम ने रूबी का अपहरण किया था। विरोध करने पर आरोपी ने उसकी मां सुनीता पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। तब से कपसाड़ गांव में पुलिस-प्रशासन द्वारा उनके और परिवार के ऊपर लगातार सख्ती बरती जा रही है, जिससे उनके दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है। नरसी का आरोप है कि पुलिस उन्हें और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को घर से बाहर किसी से मिलने-जुलने की अनुमति नहीं दे रही, जिससे उनकी बहन रूबी का अप्रैल में प्रस्तावित विवाह टलने की आशंका बन गई है।
आश्वासन के बाद भी मांग पूरी नहीं
नरसी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने घटना के बाद उन्हें कई आश्वासन दिए थे, जिनमें पिस्टल लाइसेंस, भूमि का पट्टा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा शामिल था। लेकिन अब पीछे हटते हुए प्रशासन ने गोशाला में नौकरी देने की बात कही है, जबकि पहले दौराला या शुगर मिल में नौकरी देने का आश्वासन था।
नरसी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने घटना के बाद उन्हें कई आश्वासन दिए थे, जिनमें पिस्टल लाइसेंस, भूमि का पट्टा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा शामिल था। लेकिन अब पीछे हटते हुए प्रशासन ने गोशाला में नौकरी देने की बात कही है, जबकि पहले दौराला या शुगर मिल में नौकरी देने का आश्वासन था।
राजनीतिक स्तर से संवेदनशील हुआ कपसाड़ कांड
इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया और प्रदेश स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया और सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया और प्रदेश स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस प्रकरण को प्रमुखता से उठाया और सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
नरसी ने बताया कि बृहस्पतिवार को तहसील में एसडीएम उदित नारायण सेंगर और सीओ आशुतोष से बात कराई गई। बैठक में सामने आया कि नौकरी केवल गोशाला में दी जाएगी, जबकि पहले दौराला या खतौली शुगर मिल में नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। नरसी ने कहा कि इस स्थिति के चलते उनकी बहन रूबी की शादी टल सकती है। लड़के पक्ष से बात हो चुकी थी और वे शादी के लिए सहमत थे, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण मुलाकात नहीं हो पा रही है। नरसी ने बताया कि मुआवजे के रूप में प्रशासन ने 50 लाख रुपये का आश्वासन दिया था, लेकिन घटना के बाद केवल 10 लाख रुपये ही मिले हैं। इसके चलते परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षा और धमकाने के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि मीडिया में खबरें आने पर पुलिसकर्मी नरसी से मिलने पहुंचे और उन्हें धमकाने की कोशिश की। नरसी ने कहा कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा जा रहा है।
सीओ बोले, आरोप बेबुनियाद
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार को शासन के निर्देश पर सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। उनके आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि मीडिया में खबरें आने पर पुलिसकर्मी नरसी से मिलने पहुंचे और उन्हें धमकाने की कोशिश की। नरसी ने कहा कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा जा रहा है।
सीओ बोले, आरोप बेबुनियाद
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार को शासन के निर्देश पर सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। उनके आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा।