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कांवड़ यात्रा: रुड़की रोड पर बढ़ी सख्ती, तीन किलोमीटर का चक्कर लगाकर पहुंच रहे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। कांवड़ यात्रा शुरू होते ही दिल्ली-देहरादून हाईवे और रुड़की रोड पर पुलिस-प्रशासन की सख्ती भी बढ़ गई है। कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग कर मार्गों का डायवर्जन लागू कर दिया गया है। इसका सबसे अधिक असर पल्लवपुरम फेस-वन और फेस-टू के निवासियों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने घर पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। रुड़की रोड और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में फेस-वन के सामने अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित कर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जहां से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
यातायात व्यवस्था के तहत मेरठ शहर की ओर जाने वाले छोटे वाहनों को फ्लाईओवर के नीचे सर्विस रोड से निकाला जा रहा है, जबकि दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा और गुरुग्राम की ओर जाने वाले वाहनों को फ्लाईओवर के ऊपर से भेजा जा रहा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया जाएगा।
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डीजे वाली बड़ी कांवड़ों पर भी प्रशासन की विशेष नजर है। हाईवे पर निर्धारित स्थानों पर डीजे की ध्वनि की जांच की जाएगी। यदि किसी डीजे की आवाज तय मानकों से अधिक पाई गई तो उसे वहीं रोककर ध्वनि स्तर कम कराया जाएगा। मानकों का पालन करने के बाद ही संबंधित कांवड़ को आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।
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व्यापारियों की समस्या
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग और डायवर्जन के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। पल्लवपुरम, रुड़की रोड और आसपास के क्षेत्रों की दुकानों पर कारोबार प्रभावित होने लगा है। कई दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे लोग बाजार आने से बच रहे हैं। सीओ दौराला शिव ठाकुर का कहना है कि तैयारियां पूरी है। अस्थायी चौकी स्थापित कर दी गईं हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। मानक से अधिक ऊंची डीजे वाली कांवड़ को नहीं निकलने दिया जाएगा।
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क्या कहते है व्यापारी
ग्राहक तीन किलोमीटर घूमकर आएगा तो छोटी-मोटी खरीदारी के लिए नहीं आएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान हमारा व्यापार काफी प्रभावित हो जाता है।
विजय बंसल, व्यापारी
यातायात व्यवस्था जरूरी है, लेकिन स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए अलग से आसान मार्ग की व्यवस्था होनी चाहिए।
डीके चौहान, व्यापार संघ अध्यक्ष
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स्थानीय लोगों की मांग
फेस-वन और फेस-टू के निवासियों के लिए पहचान पत्र के आधार पर वैकल्पिक मार्ग की सुविधा दी जाए, दोनों जगहों पर कई अस्पताल है। आपातकाल स्थिति में एंबुलेंस को आने में समय लगेगा। मरीज के लिए हर मिनट कीमती होती है।
डॉ. आदिप कोटपाल
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पुलिस व्यवस्था अच्छी है, लेकिन सर्विस रोड पर भीड़ बढ़ने से जाम लग रहा है। वहां अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाने चाहिए। साथ ही जिस साइड में बाजार है, वहां स्थानीय निवासियों के खरीदारी करने के लिए पहुंचने की उचित व्यवस्था की जाए।
राजीव भारद्वाज, डायरेक्ट एमएसबी कॉलेज
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मोदीपुरम। कांवड़ यात्रा शुरू होते ही दिल्ली-देहरादून हाईवे और रुड़की रोड पर पुलिस-प्रशासन की सख्ती भी बढ़ गई है। कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग कर मार्गों का डायवर्जन लागू कर दिया गया है। इसका सबसे अधिक असर पल्लवपुरम फेस-वन और फेस-टू के निवासियों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने घर पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। रुड़की रोड और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में फेस-वन के सामने अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित कर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जहां से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
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यातायात व्यवस्था के तहत मेरठ शहर की ओर जाने वाले छोटे वाहनों को फ्लाईओवर के नीचे सर्विस रोड से निकाला जा रहा है, जबकि दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा और गुरुग्राम की ओर जाने वाले वाहनों को फ्लाईओवर के ऊपर से भेजा जा रहा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया जाएगा।
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डीजे वाली बड़ी कांवड़ों पर भी प्रशासन की विशेष नजर है। हाईवे पर निर्धारित स्थानों पर डीजे की ध्वनि की जांच की जाएगी। यदि किसी डीजे की आवाज तय मानकों से अधिक पाई गई तो उसे वहीं रोककर ध्वनि स्तर कम कराया जाएगा। मानकों का पालन करने के बाद ही संबंधित कांवड़ को आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।
व्यापारियों की समस्या
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग और डायवर्जन के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। पल्लवपुरम, रुड़की रोड और आसपास के क्षेत्रों की दुकानों पर कारोबार प्रभावित होने लगा है। कई दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे लोग बाजार आने से बच रहे हैं। सीओ दौराला शिव ठाकुर का कहना है कि तैयारियां पूरी है। अस्थायी चौकी स्थापित कर दी गईं हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। मानक से अधिक ऊंची डीजे वाली कांवड़ को नहीं निकलने दिया जाएगा।
क्या कहते है व्यापारी
ग्राहक तीन किलोमीटर घूमकर आएगा तो छोटी-मोटी खरीदारी के लिए नहीं आएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान हमारा व्यापार काफी प्रभावित हो जाता है।
विजय बंसल, व्यापारी
यातायात व्यवस्था जरूरी है, लेकिन स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए अलग से आसान मार्ग की व्यवस्था होनी चाहिए।
डीके चौहान, व्यापार संघ अध्यक्ष
स्थानीय लोगों की मांग
फेस-वन और फेस-टू के निवासियों के लिए पहचान पत्र के आधार पर वैकल्पिक मार्ग की सुविधा दी जाए, दोनों जगहों पर कई अस्पताल है। आपातकाल स्थिति में एंबुलेंस को आने में समय लगेगा। मरीज के लिए हर मिनट कीमती होती है।
डॉ. आदिप कोटपाल
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पुलिस व्यवस्था अच्छी है, लेकिन सर्विस रोड पर भीड़ बढ़ने से जाम लग रहा है। वहां अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाने चाहिए। साथ ही जिस साइड में बाजार है, वहां स्थानीय निवासियों के खरीदारी करने के लिए पहुंचने की उचित व्यवस्था की जाए।
राजीव भारद्वाज, डायरेक्ट एमएसबी कॉलेज