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कैराना हथियार, अपराधियों की मंडी : बालियान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:19 AM IST
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प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
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कैराना हथियार और अपराधियों की मंडी है। यहां पर कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। बढ़ते अपराध के कारण बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। इसके लिए अखिलेश सरकार जिम्मेदार है। सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने सपा पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में देश ने आपातकाल का काला दिन देखा है। 25 जून को देश ‘काल दिवस’ के तौर पर याद कर रहा है। इसी दिन लोकतंत्र का गला घोंटकर 14 लाख लोगों को जेल में डाल दिया गया था। 1975 में आज ही के दिन इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी फाइल बिना कमीशन के नहीं चलती है।
कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। इसका उदाहरण सबके सामने है, पिछले कुछ माह से पुलिस पर लगातार हमले हो रहे हैं। छह महीने में 90 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। 9 अधिकारियों की जान भी गई है। अभी मुजफ्फरनगर जेल में हत्या हुई है। पूछताछ में कैदियों ने बताया कि बैरक का इस्तेमाल वसूली और अपराधियों को संरक्षण देने के लिए किया जा रहा है। इसमें जेल के अधिकारी शामिल हैं। इस दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, रविंद्र भड़ाना, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, महानगर तरुणेश नंदन गर्ग, सोमेंद्र तोमर, अंकुर राणा, अजित चौधरी मौजूद रहे।
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किसान गिरफ्तार, मिल मालिक नहीं
गन्ना भुगतान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब एक लाख रुपये के कर्ज में किसान जेल जा सकता है तो लाखों करोड़ों रुपये दबाने वाले मिल मालिकों क्यों नहीं। जिस वक्त सरकार बनी थी तब चीनी का थोक मूल्य 24 रुपये प्रति किलो था, जो अब 34 रुपये तक पहुंच गया है। लेकिन प्रदेश सरकार मिल मालिकों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।
मवाना, मोदी, सिंभावली के अलावा बजाज की मिलों ने किसानों का बड़ा पैसा दवा रखा है। बीते पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य मिल चलने के दो महीने बाद तय हुआ था, क्योंकि सरकार सेटिंग में लगी थी। हमने सुझाव दिया था कि मिलों का अधिग्रहण किया जाए। अगर प्रदेश सरकार को पैसे की जरूरत है तो केंद्र देने को तैयार है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वीनस शुगर मिल द्वारा भुगतान न करने और डीपीएस में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. बालियान ने कहा कि कार्यक्रम के लिए पार्टी ने पैसा जमा कराया है। गन्ने का बकाया भुगतान कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
यूपी में हर तरफ घोटाला
डॉ. बालियान ने कहा कि प्रदेश में शराब से लेकर खनन में भारी घोटाला चल रहा है। डार्क जोन के लिए हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पैसा दिया गया है। पहली किश्त में 100-100 करोड़ रुपये तीनों राज्यों को दिए गए, लेकिन इस पैसे का कुछ अता-पता नहीं है। वहीं पंजाब और हरियाणा कृषि मंत्रालय से 500-500 करोड़ रुपये ले चुके हैं।
नहीं बनानी चाहिये शोरगुल जैसी फिल्म
मुजफ्फरनगर दंगों पर बनी फिल्म शोरगुल पर डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि ऐसी फिल्में नहीं बननी चाहिये, जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचती हो। ऐसी फिल्मों से जख्म हरे हो जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में देश ने आपातकाल का काला दिन देखा है। 25 जून को देश ‘काल दिवस’ के तौर पर याद कर रहा है। इसी दिन लोकतंत्र का गला घोंटकर 14 लाख लोगों को जेल में डाल दिया गया था। 1975 में आज ही के दिन इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी फाइल बिना कमीशन के नहीं चलती है।
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कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। इसका उदाहरण सबके सामने है, पिछले कुछ माह से पुलिस पर लगातार हमले हो रहे हैं। छह महीने में 90 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। 9 अधिकारियों की जान भी गई है। अभी मुजफ्फरनगर जेल में हत्या हुई है। पूछताछ में कैदियों ने बताया कि बैरक का इस्तेमाल वसूली और अपराधियों को संरक्षण देने के लिए किया जा रहा है। इसमें जेल के अधिकारी शामिल हैं। इस दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, रविंद्र भड़ाना, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, महानगर तरुणेश नंदन गर्ग, सोमेंद्र तोमर, अंकुर राणा, अजित चौधरी मौजूद रहे।
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किसान गिरफ्तार, मिल मालिक नहीं
गन्ना भुगतान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब एक लाख रुपये के कर्ज में किसान जेल जा सकता है तो लाखों करोड़ों रुपये दबाने वाले मिल मालिकों क्यों नहीं। जिस वक्त सरकार बनी थी तब चीनी का थोक मूल्य 24 रुपये प्रति किलो था, जो अब 34 रुपये तक पहुंच गया है। लेकिन प्रदेश सरकार मिल मालिकों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।
मवाना, मोदी, सिंभावली के अलावा बजाज की मिलों ने किसानों का बड़ा पैसा दवा रखा है। बीते पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य मिल चलने के दो महीने बाद तय हुआ था, क्योंकि सरकार सेटिंग में लगी थी। हमने सुझाव दिया था कि मिलों का अधिग्रहण किया जाए। अगर प्रदेश सरकार को पैसे की जरूरत है तो केंद्र देने को तैयार है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वीनस शुगर मिल द्वारा भुगतान न करने और डीपीएस में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. बालियान ने कहा कि कार्यक्रम के लिए पार्टी ने पैसा जमा कराया है। गन्ने का बकाया भुगतान कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
यूपी में हर तरफ घोटाला
डॉ. बालियान ने कहा कि प्रदेश में शराब से लेकर खनन में भारी घोटाला चल रहा है। डार्क जोन के लिए हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पैसा दिया गया है। पहली किश्त में 100-100 करोड़ रुपये तीनों राज्यों को दिए गए, लेकिन इस पैसे का कुछ अता-पता नहीं है। वहीं पंजाब और हरियाणा कृषि मंत्रालय से 500-500 करोड़ रुपये ले चुके हैं।
नहीं बनानी चाहिये शोरगुल जैसी फिल्म
मुजफ्फरनगर दंगों पर बनी फिल्म शोरगुल पर डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि ऐसी फिल्में नहीं बननी चाहिये, जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचती हो। ऐसी फिल्मों से जख्म हरे हो जाते हैं।