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Meerut News: सिंचाई विभाग का अवर अभियंता 2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
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सिंचाई विभाग में 2 लाख की रिश्वत लेने वाले अवर अभियंता बृजराज सिंह को देर शाम पूछताछ के बाद सिव
- फोटो : बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए छात्र-छात्राएं। स्रोत : विवि
सिंचाई विभाग में कार्यरत अवर अभियंता (जेई) ब्रजराज सिंह को विजिलेंस की टीम ने 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसकी 7.74 लाख मूल्य की कार और 54 हजार की अतिरिक्त नकदी भी बरामद की है।
एसपी विजिलेंस डॉ. राजीव कुमार सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अंकुर सिंह निवासी कुनकुरा इंचौली ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। अंकुर के पिता धर्म सिंह के नाम से डीएस कांट्रेक्टर नामक फर्म रजिस्टर्ड है जो सिंचाई विभाग में पुल निर्माण और नहर सफाई जैसे सिविल कार्य करती है। अंकुर ही इस फर्म के कार्यों और हिसाब-किताब की देखरेख करता है। फर्म ने अधिशासी अभियंता मेरठ खण्ड गंग नहर के अंतर्गत 1 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच आवंटित कार्य पूरा कर लिया था। अंकुर का आरोप है कि जब पेमेंट के लिए उन्होंने अवर अभियंता ब्रजराज सिंह से संपर्क किया तो आरोपी ने सौदेबाजी शुरू कर दी।
हिस्सा दोगे तभी होगा बाकी पेमेंट
आरोपी ब्रजराज सिंह ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसने अभी केवल आधे काम की रिपोर्ट अधिशासी अभियंता भेजी है जिसके आधार पर 14 जनवरी 2026 को खाते में 4,32,644 का भुगतान आ गया। ब्रजराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा- जब तक उसे उसका कमीशन नहीं मिल जाता वह बाकी काम पूरा होने की रिपोर्ट नहीं लगाएगा और शेष भुगतान रोक देगा। जब शिकायतकर्ता ने असमर्थता जताई तो आरोपी ने दो टूक कहा, कमीशन नहीं दिया तो बाकी पेमेंट एक साल बाद होगा या फिर होगा ही नहीं। जिसके बाद अवर अभियंता ने हिसाब लगाकर 3 लाख रुपये की मांग की और वादा किया कि रिश्वत मिलते ही बचा हुआ 3,71,000 रुपये का पेमेंट तुरंत करा दिया जाएगा।
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ट्रैप लगाकर हुई गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार से तंग आकर ठेकेदार अंकुर ने विजिलेंस से शिकायत की। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर विजिलेंस टीम ने आरोपी को 2 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। रात में आरोपी को थाने के लॉकअप में रखा गया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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एसपी विजिलेंस डॉ. राजीव कुमार सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अंकुर सिंह निवासी कुनकुरा इंचौली ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। अंकुर के पिता धर्म सिंह के नाम से डीएस कांट्रेक्टर नामक फर्म रजिस्टर्ड है जो सिंचाई विभाग में पुल निर्माण और नहर सफाई जैसे सिविल कार्य करती है। अंकुर ही इस फर्म के कार्यों और हिसाब-किताब की देखरेख करता है। फर्म ने अधिशासी अभियंता मेरठ खण्ड गंग नहर के अंतर्गत 1 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच आवंटित कार्य पूरा कर लिया था। अंकुर का आरोप है कि जब पेमेंट के लिए उन्होंने अवर अभियंता ब्रजराज सिंह से संपर्क किया तो आरोपी ने सौदेबाजी शुरू कर दी।
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हिस्सा दोगे तभी होगा बाकी पेमेंट
आरोपी ब्रजराज सिंह ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसने अभी केवल आधे काम की रिपोर्ट अधिशासी अभियंता भेजी है जिसके आधार पर 14 जनवरी 2026 को खाते में 4,32,644 का भुगतान आ गया। ब्रजराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा- जब तक उसे उसका कमीशन नहीं मिल जाता वह बाकी काम पूरा होने की रिपोर्ट नहीं लगाएगा और शेष भुगतान रोक देगा। जब शिकायतकर्ता ने असमर्थता जताई तो आरोपी ने दो टूक कहा, कमीशन नहीं दिया तो बाकी पेमेंट एक साल बाद होगा या फिर होगा ही नहीं। जिसके बाद अवर अभियंता ने हिसाब लगाकर 3 लाख रुपये की मांग की और वादा किया कि रिश्वत मिलते ही बचा हुआ 3,71,000 रुपये का पेमेंट तुरंत करा दिया जाएगा।
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ट्रैप लगाकर हुई गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार से तंग आकर ठेकेदार अंकुर ने विजिलेंस से शिकायत की। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर विजिलेंस टीम ने आरोपी को 2 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। रात में आरोपी को थाने के लॉकअप में रखा गया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।