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जिला पूर्ति निरीक्षक 20 हजार की रिश्वत लेते दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:40 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डीएम ऑफिस के सटे जिला पूर्ति कार्यालय में 20 हजार की रिश्वत देते जिला पूर्ति निरीक्षक को एंटी करप्शन की टीम ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। निरीक्षक ने रिश्वत का पैसा तुरंत अपने नौकर को सौंपा तो उसे भी टीम ने दबोच लिया। दोनों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एंट्री करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर विजयवीर सिंह ने बताया कि परतापुर के गावड़ी गांव में रोशनी के नाम से सस्ते गल्ले की दुकान है। मोहिउद्दीनपुर गांव के सस्ते गल्ले की दुकान निरस्त चल रही है। जिसका कोटा भी रोशनी कई महीनों से बांट रही थी। रोशनी ने एसडीएम ऑफिस में प्रार्थना पत्र लगाया था कि मोहिउद्दीनपुर गांव के सस्ते गल्ले की दुकान उसके पास से हटाई जाए।
यह प्रार्थनापत्र जिला पूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र वर्मा के पास पहुंचा। आरोप है कि धर्मेंद्र ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बृहस्पतिवार को रोशनी अपने बेटे लोकेश कुमार के साथ जिला पूर्ति कार्यालय पहुंची। रिश्वत मांगने की शिकायत लोकेश ने एंटी करप्शन विभाग से की थी। रोशनी ने निरीक्षक धर्मेंद्र वर्मा को 20 हजार रुपये की रिश्वत दी, तभी एंटी करप्शन टीम ने निरीक्षक को रंगे हाथ दबोच लिया।
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पैसे नौकर को सौंप दिए थे
एंटी करप्शन टीम ने बताया कि निरीक्षक धर्मेंद्र वर्मा ने रिश्वत का पैसा लेने के लिए अपने ऑफिस में एक प्राइवेट नौकर छह हजार रुपये महीने के हिसाब से मयंक शर्मा निवासी शिवशक्ति नगर ब्रह्मपुरी को रखा है। बृहस्पतिवार को भी निरीक्षक ने रिश्वत का पैसा लेते ही नौकर सौंप दिया था। टीम ने धर्मेंद्र के साथ मयंक को भी पकड़ लिया।
भाजपा विधायक का रिश्तेदार धर्मेंद्र
इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक के मुताबिक धर्मेंद्र वर्मा मूल निवासी रायपुर का है। धर्मेंद्र का रिश्तेदार भाजपा में विधायक बताया जा रहा है। हालांकि धर्मेंद्र की सिफारिश में किसी नेता का फोन पुलिस के पास नहीं आया। पुलिस ने एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। एंटी करप्शन टीम में इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह सिरोही, कंवरपाल सिंह, कमल सिंह, शारदा सिरोही समेत अन्य मौजूद थे।
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एंट्री करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर विजयवीर सिंह ने बताया कि परतापुर के गावड़ी गांव में रोशनी के नाम से सस्ते गल्ले की दुकान है। मोहिउद्दीनपुर गांव के सस्ते गल्ले की दुकान निरस्त चल रही है। जिसका कोटा भी रोशनी कई महीनों से बांट रही थी। रोशनी ने एसडीएम ऑफिस में प्रार्थना पत्र लगाया था कि मोहिउद्दीनपुर गांव के सस्ते गल्ले की दुकान उसके पास से हटाई जाए।
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यह प्रार्थनापत्र जिला पूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र वर्मा के पास पहुंचा। आरोप है कि धर्मेंद्र ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बृहस्पतिवार को रोशनी अपने बेटे लोकेश कुमार के साथ जिला पूर्ति कार्यालय पहुंची। रिश्वत मांगने की शिकायत लोकेश ने एंटी करप्शन विभाग से की थी। रोशनी ने निरीक्षक धर्मेंद्र वर्मा को 20 हजार रुपये की रिश्वत दी, तभी एंटी करप्शन टीम ने निरीक्षक को रंगे हाथ दबोच लिया।
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पैसे नौकर को सौंप दिए थे
एंटी करप्शन टीम ने बताया कि निरीक्षक धर्मेंद्र वर्मा ने रिश्वत का पैसा लेने के लिए अपने ऑफिस में एक प्राइवेट नौकर छह हजार रुपये महीने के हिसाब से मयंक शर्मा निवासी शिवशक्ति नगर ब्रह्मपुरी को रखा है। बृहस्पतिवार को भी निरीक्षक ने रिश्वत का पैसा लेते ही नौकर सौंप दिया था। टीम ने धर्मेंद्र के साथ मयंक को भी पकड़ लिया।
भाजपा विधायक का रिश्तेदार धर्मेंद्र
इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक के मुताबिक धर्मेंद्र वर्मा मूल निवासी रायपुर का है। धर्मेंद्र का रिश्तेदार भाजपा में विधायक बताया जा रहा है। हालांकि धर्मेंद्र की सिफारिश में किसी नेता का फोन पुलिस के पास नहीं आया। पुलिस ने एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। एंटी करप्शन टीम में इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह सिरोही, कंवरपाल सिंह, कमल सिंह, शारदा सिरोही समेत अन्य मौजूद थे।