UP: 'सड़क पर नमाज पढ़ने पर होगा एक्शन' मेरठ पुलिस के फैसले से भड़के जयंत चौधरी, कर दी ऑरवेलियन 1984 से तुलना
केंद्र सरकार में मंत्री और एनडीए के सहयोगी जयंत चौधरी ने मेरठ पुलिस के ईद की नमाज सड़क पर पढ़ने पर रोक लगाने के फैसले पर सवाल उठाए और इसकी तुलना ऑरवेलियन 1984 पुलिस से कर दी।
विस्तार
मेरठ में पुलिस प्रशासन ने ईद की नमाज को लेकर सख्त आदेश जारी करते हुए सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। इस आदेश पर अब प्रदेश में सियासत हो रही है। एनडीए की सहयोगी और केंद्र सरकार में मंत्री जयंत चौधरी ने मेरठ पुलिस के इस फैसले का विरोध किया है और उसकी तुलना ऑरवेलियन 1984 की पुलिसिंग से की है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर ये पोस्ट किया है।
Policing towards Orwellian 1984!https://t.co/OYimvwqiF7
— Jayant Singh (@jayantrld) March 26, 2025
क्या है पूरा आदेश?
मेरठ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा है कि सड़क पर नमाज अदा करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सड़क पर नमाज अदा करने पर पुलिस प्रशासन का रवैया सख्त रहेगा। एसपी ने कहा कि ऐसा करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
रद्द किया जा सकता है लाइसेंस
मुकदमा दर्ज होने के बाद पासपोर्ट और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सड़क पर नमाज अदा करने पर पिछली बार भी 200 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस बार भी अगर कोई सड़क पर नमाज पढ़ेगा तो मुकदमा दर्ज होगा। वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि रोक लगे तो सभी पर लगाई जानी चाहिए, सिर्फ मुसलमान को टारगेट किया जा रहा है।
संभल में भी प्रशासन सतर्क
संभल में ईद और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। एएसपी श्रीश्चंद ने स्पष्ट किया कि कोतवाली संभल क्षेत्र में मस्जिद और ईदगाह के अंदर ही नमाज अदा की जाएगी। सड़कों पर किसी भी हालत में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से नमाज मस्जिद या ईदगाह के अंदर ही अदा की जाती रही है और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है। संभल में संवेदनशील माहौल को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने ईद, नवरात्र के मद्देनजर पीस कमेटी की बैठक बुलाई। बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए।