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यहां टूटा था अर्जुन का अभिमान, श्रीकृष्ण ने ली थी राजा मोरध्वज की परीक्षा

Thu, 22 Aug 2019 05:01 PM IST
Dimple Sirohi संजीव कुमार, अमर उजाला, बिजनौर
संजीव कुमार, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 22 Aug 2019 05:01 PM IST
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Janmashtami 2019:  lord Krishna had broken  pride of Arjuna at najeebabad by examining King Mordhwaj
भगवान श्रीकृष्ण व अर्जुन - फोटो : अमर उजाला
भगवान श्रीकृष्ण का यूपी के बिजनौर जिले के नजीबाबाद की सरजमीं से गहरा संबंध रहा है। मान्यता है कि अर्जुन के अभिमान को श्रीकृष्ण ने राजा मोरध्वज की परीक्षा लेकर चूर-चूर कर दिया था। तभी से किला मोरध्वज परिसर में स्थित मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालु विशेष धार्मिक अनुष्ठान कर भगवान कृष्ण की महिमा का गुणगान करते हैं -


 
Janmashtami 2019:  lord Krishna had broken  pride of Arjuna at najeebabad by examining King Mordhwaj
मोरध्वज किला परिसर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
द्वापर युग में महाभारत के युद्ध के बाद श्रीकृष्ण ने अपने प्रिय सखा अर्जुन से ज्यादा राजा मोरध्वज को अपना सबसे प्रिय भक्त बताया था। अर्जुन ने श्री कृष्ण की बातों से असहमति जताते हुए स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण का सबसे अनन्य भक्त बताया। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के अभिमान को तोड़ने के लिए लीला रची। श्रीकृष्ण अर्जुन को नजीबाबाद से महज 13 किमी दूर उत्तर की दिशा में स्थित राजा मोरध्वज के पास ले आए। 

 
Janmashtami 2019:  lord Krishna had broken  pride of Arjuna at najeebabad by examining King Mordhwaj
मोरध्वज किला परिसर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

श्रीकृष्ण ने राजा मोरध्वज के दरबार में पहुंचने से पहले ही अपना और अर्जुन का वेश साधु का बना लिया। राजा मोरध्वज के दरबार में जाकर भगवान श्रीकृष्ण ने राजा से अपने भूखे शेर के लिए भोजन की याचना की। जैसे ही राजा मोरध्वज ने दरबारियों से शेर के लिए खाने की व्यवस्था करने का आदेश दिया तो श्रीकृष्ण ने कहा कि मेरा शेर सिर्फ बच्चे का ताजा मांस ही खाता है।  


 
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Janmashtami 2019:  lord Krishna had broken  pride of Arjuna at najeebabad by examining King Mordhwaj
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को तैयारियां - फोटो : अमर उजाला

राजा मोरध्वज रानी पद्मावती के पास गए और पत्नी से अपने इकलौते पुत्र को शेर की भूख मिटाने के लिए देने की बात कही। राजा मोरध्वज ने दरबार में आकर अपने इकलौते पुत्र का मांस शेर को खिलाने का एलान किया। लेकिन श्रीकृष्ण ने यह भी शर्त रख दी कि आंख में बिना आंसू आए राजा व रानी अपने पुत्र को आरी से कटाकर एक भाग शेर को अपने हाथों से दें। 


 
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Janmashtami 2019:  lord Krishna had broken  pride of Arjuna at najeebabad by examining King Mordhwaj
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर

राजा मोरध्वज ने रानी पद्मावती के साथ अपने इकलौते पुत्र ताम्रध्वज को आरी से चीरकर भूखे शेर को दे दिया। भगवान श्रीकृष्ण के प्रति राजा मोरध्वज की भक्ति को देखकर अर्जुन का अभिमान चूर-चूर हो गया। राजा मोरध्वज की परीक्षा लेने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने राजा के पुत्र को दोबारा जीवित कर दिया।

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