जैन मुनि वीडियो प्रकरण: कॉलेज से 'गायब' हुई छात्रा ने दिया ऐसा बयान, सुनकर हर कोई हैरान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार के बहादराबाद थाने में जैन मुनि नयन सागर महाराज के खिलाफ दर्ज हुए अपहरण के मामले में दिए युवती के बयान की प्रति जैन समाज के कुछ लोगों के पास पहुंच गई है। सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। इसमें युवती ने कहा कि मेरा जब मन होगा, मैं अपने घर चली जाऊंगी। जानिए, छात्रा ने अपने बयान में आगे क्या कहा...?
जैन मुनि ने मुझ पर कोई दबाव नहीं बनाया है। इस मामले में दर्ज रिपोर्ट में युवती को एमटेक की छात्रा बताया गया था लेकिन छात्रा ने अपने बयान में खुद को असिस्टेंट टीचर बताया है। युवती के पिता ने 31 जुलाई को थाना बहादराबाद हरिद्वार में दर्ज कराई एफआईआर में बेटी को एमटेक की छात्रा बताते हुए जैन मुनि नयन सागर महाराज पर अपहरण का आरोप लगाया था। उनकी बेटी 28 जुलाई को हरिद्वार के दिल्ली रोड स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज से लापता हो गई थी। तीन अगस्त को बहादराबाद थाने पहुंची युवती के पुलिस ने कोर्ट में बयान कराए थे।
वीडियो वायरल मामले में शामिल तीन लोग भूमिगत
जैन मुनि नयन सागर की वीडियो वायरल करने के मामले में शामिल खतौली के तीन लोग भूमिगत हो गए हैं। मलयेशिया से भेजी गई वहलना प्रवास की वीडियो क्लिप सबसे पहले खतौली और मुजफ्फरनगर के आठ लोगों के पास आई थी। 23 और 24 जून की तारीखों में सामने आई वीडियो क्लिप 39 दिन बाद विदेशी फोन नंबर से भारत में वायरल की गई थी। वहलना अतिशय क्षेत्र में जैन मुनि उपाध्याय नयन सागर के प्रवास के दौरान बनी वीडियो वायरल होने के मामले में अंदरूनी तौर पर खोजबीन हो रही है।
छात्रा के परिजन ने चौकी पहुंचकर पुलिस पर मढ़े आरोप
अपहरण के आरोपी जैन मुनि उपाध्याय नयन सागर महाराज को क्लीन चिट देने वाली एमटेक की छात्रा के परिजन स्थानीय पुलिस से बेहद खफा नजर आए। शनिवार को शांतरशाह पुलिस चौकी पहुंचकर परिजनों ने बेटी के लौटने की सूचना नहीं देने पर पुलिस से नाराजगी जताई। पिता ने आरोप लगाया कि हाईप्रोफाइल संत का नाम केस से जुड़ा होने पर पुलिस दबाव में कार्य कर रही है। क्षेत्र के एक इंजीनियरिंग कॉलेज की एमटेक की छात्रा के लापता होने पर खतौली, मुजफ्फरनगर से पहुंचे पिता ने जैन मुनि पर बेटी पर अपहरण का आरोप लगाया था। जैन मुनि के आश्रम का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें जैन मुनि और छात्रा एक-दूसरे के कमरे में आते जाते दिखाई दे रहे हैं।
इधर, स्थानीय पुलिस छात्रा की तलाश में जुटी थी कि शुक्रवार को खुद ही थाने पहुंची छात्रा ने जैन मुनि को उसके अपहरण के आरोप से क्लीन चिट दे दी। उल्टा अपने परिजन पर जान का खतरा बताया था। पुलिस ने छात्रा के बयान कोर्ट में दर्ज कराए थे, जहां उसने अपनी इच्छा से कही पर भी जाने की बात कही थी। इधर, शनिवार को शांतरशाह चौकी पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने किसी के दबाव में बयान दिया है। पूरे मामले को लेकर वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने की मांग डीआईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला से मिलकर करेंगे। आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें बेटी के लौटने की सूचना तक देना जरूरी नहीं समझा था।
विवेचक अजय सिंह का कहना है कि लड़की बालिग है, उसे मर्जी के खिलाफ कस्टडी में नहीं रख सकते थे। लिहाजा कोर्ट में पेश कराया गया था। कोर्ट के आदेश पर ही युवती को उसकी इच्छा से जाने दिया गया। छात्रा की उसके चाचा से बात कराई गई थी, तब उसने घर जाने से इंकार कर दिया था। थानाध्यक्ष मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि परिजन के आरोप गलत हैं। उसने अपने परिजन से जान का खतरा बताया था, फिर भला कैसे परिजन को बुलाया जाता।
कॉलेज प्रबंधन ने बनाई जांच समिति
इस पूरे प्रकरण की अपने स्तर से जांच करने और भावी कार्रवाई करने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने भी अपने स्तर से एक जांच समिति बनाई। कॉलेज प्रबंधन की मानें तो छात्रा उनके यहां पढ़ाई करने के साथ ही सहायक अध्यापिका के रूप में पढाती भी है। ऐसे में बिना बताए उसके गायब रहने को लेकर जांच समिति बनाई गई है। समिति की रिपोर्ट के आधारन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/