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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   jain muni Shri Tarun Sagar Maharaj formed different identitie Large crowed on his Meerut arrival

कड़वे वचनों के पुरोधा संत श्री तरुण सागर महाराज ने बनाई थी अलग पहचान, मेरठ आगमन पर उमड़ा था जनसैलाब

Sun, 02 Sep 2018 10:48 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 02 Sep 2018 10:48 AM IST
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jain muni Shri Tarun Sagar Maharaj formed different identitie Large crowed on his Meerut arrival
जैन मुनि तरुण सागर महाराज - फोटो : अमर उजाला

क्रांतिकारी राष्ट्र संत जैन मुनि श्री 108 तरुण सागर महाराज क्रांतिधरा पर हमेशा अहिंसा के पक्षधर रहे। महाराज श्री के दर्शन करने और उनके कड़वे प्रवचन सुनने का सौभाग्य मेरठ की जनता को कई बार मिला। सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर तीखे शब्दों में अपनी राय देने वाले संतश्री अपने प्रवचनों में हमेशा हिंसा का रास्ता छोड़ने का आह्वान करते थे। महाराजश्री ने भैसाली मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मेरठवासियों की तरफ से किए गए स्वागत की भरे मंच से सराहना की थी। कड़वे वचनों और असाधारण भाषा शैली ने उनकी अन्य संतों से अलग विशिष्ट पहचान बना दी थी। 

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जनसंख्या नियंत्रण पर सख्त कानून के थे प्रबल पक्षधर

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जैन मुनि तरुण सागर महाराज - फोटो : अमर उजाला
तरुण सागर महाराज क्रांतिधरा से कई बार सरकार को जनसंख्या नियंत्रण पर सख्त कानून बनाने की बात प्रबल रूप से कर चुके थे। उनका मानना था कि सभी बुराईयों की जड़ बढ़ती जनसंख्या है। उन्होंने नई पीढ़ी के धार्मिक आचरणों और आध्यात्मिकता से दूर रहने पर अनेकों बार चिंता जतायी। उनका बूचड़खानों को लेकर कड़ा रुख रहता था। सरकार से भी बूचड़खानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करते थे। वे सभी को अहिंसा के रास्ते पर चलने की सलाह जरूर देते थे। 

 
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हर धर्म के ज्ञाता थे महाराज 

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जैन मुनि श्री 108 तरुण सागर महाराज - फोटो : अमर उजाला
तरुण सागर महाराज जैन समाज के ही नहीं बल्कि जन-जन के संत थे। वह सभी को प्रिय थे। दिगंबर मुनि क्या हैं, वह पहली मर्तबा क्रांतिकारी संत मुनि तरुण सागर जी से जाना। हर धर्म का वह बारीकी से विश्लेषण करते थे। क्रांतिकारी विचारों वाले संतश्री धीर गंभीर और कोमल हृदय के थे। मुनि तरुण सागर महाराज ने मेरठ के डी ब्लॉक शास्त्रीनगर स्थित जैन मंदिर का शिलान्यास किया था। इस कार्यक्रम के दौरान मेरठ ही नहीं बल्कि आसपास से भी जैन समाज के लोगों का सैलाब उमड़ा था।   
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मंच से लहराईं थीं ‘अमर उजाला’ की प्रतियां 

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जैन मुनि तरुण सागर महाराज - फोटो : अमर उजाला
मुनि तरुण सागर महाराज के लिए णमोकार मंत्र का पाठ किया गया। तरुण क्रांति मंच के सभी सदस्यों और समाज के सभी श्रद्धालुओं ने महाराज श्री के देवलोक गमन पर अपनी श्रद्धांजलि दी। तरुण सागर महाराज जी को सुनने के लिए मेरठ शहर ही नहीं बल्कि आसपास से भक्तों की भीड़ उमड़ती थी। ऐसा ही वाकया था भैसाली मैदान में भगवान महावीर जयंती पर आयोजित धार्मिक सभा का। भव्य कार्यक्रम में तरुण सागर महाराज पहुंचे थे। उनका स्वागत मेरठ के जैन समाज ने जगह-जगह किया था। मीडिया में भी मुनिश्री छाए रहे थे। धर्म का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर उन्होंने मंच से ‘अमर उजाला’ की प्रतियां लहराते हुए मुक्त कंठ से प्रशंसा की थी। मीडिया कर्मियों को स्वयं सम्मानित किया था। 

 

जैनिस पैलेस में किया था रात्रि विश्राम 

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जैन मुनि तरुण सागर
2017 में संतश्री मेरठ आए थे। शहर में विहार करते समय महाराज का जगह जगह पुष्प वर्षा और आरती उतारकर स्वागत किया गया। तरुण सागर महाराज की आहार चर्या और रात्रि प्रवास जैनिस पैलेस मेें किया गया था। उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए जैन समाज ही नहीं बल्कि अन्य समाज के लोगों की भी भीड़ उमड़ती थी। 

शर्मा स्मारक में मनाया गया था जन्मदिवस

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जैन मुनि तरुण सागर
साल 2016 में तरुण सागर महाराज का जन्मदिवस प्यारे लाल शर्मा स्मारक हॉल में मनाया गया था। महाराज श्री की आरती उतारी गयी थी। इसी दिन सुनील जैन को तरुण क्रांति मंच का प्रवक्ता घोषित किया था। सुनील जैन के अनुसार उनके कड़वे प्रवचनों की किताब की छह लाख प्रतियां जनता की पहली पसंद बनी थीं।
 

अंतिम यात्रा में फूट-फूटकर रोये लोग

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जैन मुनि तरुण सागर महाराज की अंतिम यात्रा में शामिल लोग - फोटो : अमर उजाला
क्रांतिकारी संत तरुण सागर महाराज का जन्म 26 जनवरी 1967 को मध्य प्रदेश के दमोह जनपद के गांव गहुची में हुआ था। इनका सल्लेखना पूर्ण राधेपुरी दिल्ली में एक सितंबर को सुबह समाधि मरण हुआ। अनेकों दिगंबर जैन संतों के सानिध्य में जनता को महाराज श्री के अंतिम दर्शन कराए गए। विश्वभर के जन समूह में दुख की लहर दौड़ गयी।
मुनि जी की अंतिम यात्रा दिल्ली स्थित राधेपुरी जैन मंदिर से प्रारंभ होकर दिलशाद गार्डन, राजनगर गाजियाबाद होते हुए मेरठ रोड स्थित गांव दुहाई में तरुण सागर तीर्थ पर पहुंची। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। लोग फूट-फूटकर रोये।  सभी संत तरुण सागर महाराज के नाम के जयकारे और जैन धर्म, महावीर भगवान के जयकारे लगाते हुए पैदल चल रहे थे। इस दौरान मंच के प्रवक्ता सुनील जैन, सुरेश जैन रितुराज, अजेंद्र जैन आदि सैकड़ों लोग मेरठ से दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई में तरुण सागर तीर्थ पहुंचे। 

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