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Meerut News: दश लक्षण महापर्व पर मंदिरों में गूंजा उत्तम क्षमा का संदेश
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... 44 जैन मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा और पूजन के साथ शुरू हुआ दस दिवसीय पर्व, श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
.. शाम को आरती, प्रवचन, धार्मिक खेल, भजन प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्ण भागीदारी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
दश लक्षण महापर्व का बुधवार को शहर के 44 दिगंबर जैन मंदिरों में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ शुभारंभ हुआ। पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं को क्रोध छोड़कर क्षमा और विनम्रता अपनाने की प्रेरणा दी गई। मंदिरों में सुबह अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, दशलक्षण पूजन, सोलह कारण पूजन, पंचमेरु पूजन और तत्त्वार्थ सूत्र वाचन हुआ।
असौड़ा हाउस स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में सुबह 6:30 बजे मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा और पर्व पूजन हुआ। सौधर्म इंद्र बनने एवं स्वर्ण झरी से अभिषेक-शांतिधारा करने का सौभाग्य हेमचंद जैन को मिला। विनोद जैन, सुशील जैन, नवीन जैन पंचुल जैन और अभिषेक जैन परिवार इंद्र बने। इसके बाद देव-शास्त्र-गुरु, शांतिनाथ भगवान, 16 कारण, पंचमेरु और दसलक्षण पूजन हुआ।
विधान आचार्य प्रचुर जैन शास्त्री ने कहा कि क्षमा से बढ़कर कुछ नहीं है। क्षमा करने से व्यक्ति मन से हल्का होता है। जबकि क्रोध तनाव और कई शारीरिक समस्याओं का कारण बनता है। शाम को संजय जैन के संचालन में कार्यक्रम हुआ। प्रतीक जैन और पलकी जैन ने ‘अहिंसा पासपोर्ट-टिकट टू मुक्ति’ धार्मिक खेल कराया। अनिल जैन ने विजेताओं को पुरस्कार दिए।
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कचहरी रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विपिन जैन, अनिल जैन, पूनम चंद जैन और शरद जैन ने अभिषेक व शांतिधारा की। शाम को कंचन जैन और सोनिया जैन के संयोजन में 24 परिवारों ने महावीराष्टक दीप अर्चना की। प्रत्येक परिवार ने दो-दो दीप जलाए। इसके बाद प्रश्न मंच और धार्मिक खेल हुआ तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। महावीर भगवान की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कंकरखेड़ा जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के पहले दिन ध्वजारोहण का सौभाग्य डॉ. अमित जैन परिवार को मिला। पांडुक शिला पर श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा पराग जैन और कपिल जैन और शंशांक जैन परिवार ने की। विधानाचार्य आशीष जैन, मध्य प्रदेश के निर्देशन में शांति विधान पाठ हुआ। आयोजन में देवेंद्र जैन, राजीव जैन, बोबी जैन, जयकुमार जैन और सुकोशल जैन का सहयोग रहा।
सेक्टर 2 शास्त्री नगर स्थित श्री दिगंबर जैन पारसनाथ पंचायती मंदिर में सुबह छह बजे ध्वजारोहण से पर्व शुरू हुआ। निर्मल जैन, नंदनी जैन और सौरभ जैन को ध्वजारोहण का सौभाग्य मिला। सचिन जैन और अर्णव जैन ने शांतिधारा की। पंडित विवेक जैन शास्त्री के निर्देशन में दशलक्षण मंडल विधान हुआ। शाम को सामूहिक आरती के बाद क्षमा धर्म पर प्रवचन और मोनिका जैन के संयोजन में भजन प्रतियोगिता हुई।
वहीं आनंदपुरी जैन मंदिर में प्रदीप जैन, अरुण जैन, अंशुल जैन, प्रभात जैन, चैतन्य जैन और अन्य परिवारों ने शांतिधारा की। पंडित नंदन शास्त्री के सान्निध्य में पूजन हुआ। शाम को धार्मिक खेल और पुण्य प्रभावना महिला मंच की ओर से लालच का फल नाटिका प्रस्तुत की गई।
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.. शाम को आरती, प्रवचन, धार्मिक खेल, भजन प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्ण भागीदारी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
दश लक्षण महापर्व का बुधवार को शहर के 44 दिगंबर जैन मंदिरों में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ शुभारंभ हुआ। पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं को क्रोध छोड़कर क्षमा और विनम्रता अपनाने की प्रेरणा दी गई। मंदिरों में सुबह अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, दशलक्षण पूजन, सोलह कारण पूजन, पंचमेरु पूजन और तत्त्वार्थ सूत्र वाचन हुआ।
असौड़ा हाउस स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में सुबह 6:30 बजे मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा और पर्व पूजन हुआ। सौधर्म इंद्र बनने एवं स्वर्ण झरी से अभिषेक-शांतिधारा करने का सौभाग्य हेमचंद जैन को मिला। विनोद जैन, सुशील जैन, नवीन जैन पंचुल जैन और अभिषेक जैन परिवार इंद्र बने। इसके बाद देव-शास्त्र-गुरु, शांतिनाथ भगवान, 16 कारण, पंचमेरु और दसलक्षण पूजन हुआ।
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विधान आचार्य प्रचुर जैन शास्त्री ने कहा कि क्षमा से बढ़कर कुछ नहीं है। क्षमा करने से व्यक्ति मन से हल्का होता है। जबकि क्रोध तनाव और कई शारीरिक समस्याओं का कारण बनता है। शाम को संजय जैन के संचालन में कार्यक्रम हुआ। प्रतीक जैन और पलकी जैन ने ‘अहिंसा पासपोर्ट-टिकट टू मुक्ति’ धार्मिक खेल कराया। अनिल जैन ने विजेताओं को पुरस्कार दिए।
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कचहरी रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विपिन जैन, अनिल जैन, पूनम चंद जैन और शरद जैन ने अभिषेक व शांतिधारा की। शाम को कंचन जैन और सोनिया जैन के संयोजन में 24 परिवारों ने महावीराष्टक दीप अर्चना की। प्रत्येक परिवार ने दो-दो दीप जलाए। इसके बाद प्रश्न मंच और धार्मिक खेल हुआ तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। महावीर भगवान की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कंकरखेड़ा जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के पहले दिन ध्वजारोहण का सौभाग्य डॉ. अमित जैन परिवार को मिला। पांडुक शिला पर श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा पराग जैन और कपिल जैन और शंशांक जैन परिवार ने की। विधानाचार्य आशीष जैन, मध्य प्रदेश के निर्देशन में शांति विधान पाठ हुआ। आयोजन में देवेंद्र जैन, राजीव जैन, बोबी जैन, जयकुमार जैन और सुकोशल जैन का सहयोग रहा।
सेक्टर 2 शास्त्री नगर स्थित श्री दिगंबर जैन पारसनाथ पंचायती मंदिर में सुबह छह बजे ध्वजारोहण से पर्व शुरू हुआ। निर्मल जैन, नंदनी जैन और सौरभ जैन को ध्वजारोहण का सौभाग्य मिला। सचिन जैन और अर्णव जैन ने शांतिधारा की। पंडित विवेक जैन शास्त्री के निर्देशन में दशलक्षण मंडल विधान हुआ। शाम को सामूहिक आरती के बाद क्षमा धर्म पर प्रवचन और मोनिका जैन के संयोजन में भजन प्रतियोगिता हुई।
वहीं आनंदपुरी जैन मंदिर में प्रदीप जैन, अरुण जैन, अंशुल जैन, प्रभात जैन, चैतन्य जैन और अन्य परिवारों ने शांतिधारा की। पंडित नंदन शास्त्री के सान्निध्य में पूजन हुआ। शाम को धार्मिक खेल और पुण्य प्रभावना महिला मंच की ओर से लालच का फल नाटिका प्रस्तुत की गई।