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छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में नई दिशा दिखाना जरूरी : प्रो. बिंदु
Tue, 30 Dec 2025 06:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 30 Dec 2025 06:58 PM IST
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चरक स्कूल ऑफ फार्मेसी में माइक्रोवेव-एसिस्टेड सिंथेसिस पर हुई कार्यशाला
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के चरक स्कूल ऑफ फार्मेसी में माइक्रोवेव-एसिस्टेड सिंथेसिस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय और हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ प्रो. बिंदु शर्मा, प्रो. विपिन कुमार, डॉ. शिवम मिश्रा और डॉ. अमित सेहवाल ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की सफलता में प्रिंसिपल फार्मेसी डॉ. वैशाली पाटिल ने कहा इस कार्यशाला का मकसद सिर्फ नई तकनीकी जानकारी देना नहीं है, बल्कि छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में नई दिशा दिखाना भी है। यह बहुत जरूरी है। मुख्य अतिथि डॉ. विभु साहनी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा माइक्रोवेव-सहायक संश्लेषण तकनीक फार्मेसी और रासायनिक अनुसंधान में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। प्रो. शैलेंद्र शर्मा ने कहा ऐसे सेमिनार छात्रों और शोधकर्ताओं को नई तकनीकों से रूबरू कराते हैं, जिन्हें वे अपने शोध में लागू कर सकते हैं।कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षक, शोधकर्ता और छात्र शामिल हुए। इससे शैक्षिक आदान-प्रदान के साथ ही भविष्य में संयुक्त अनुसंधान के रास्ते खुले। लैब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता से कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया।
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के चरक स्कूल ऑफ फार्मेसी में माइक्रोवेव-एसिस्टेड सिंथेसिस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय और हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगडी विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ प्रो. बिंदु शर्मा, प्रो. विपिन कुमार, डॉ. शिवम मिश्रा और डॉ. अमित सेहवाल ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की सफलता में प्रिंसिपल फार्मेसी डॉ. वैशाली पाटिल ने कहा इस कार्यशाला का मकसद सिर्फ नई तकनीकी जानकारी देना नहीं है, बल्कि छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में नई दिशा दिखाना भी है। यह बहुत जरूरी है। मुख्य अतिथि डॉ. विभु साहनी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा माइक्रोवेव-सहायक संश्लेषण तकनीक फार्मेसी और रासायनिक अनुसंधान में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। प्रो. शैलेंद्र शर्मा ने कहा ऐसे सेमिनार छात्रों और शोधकर्ताओं को नई तकनीकों से रूबरू कराते हैं, जिन्हें वे अपने शोध में लागू कर सकते हैं।कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षक, शोधकर्ता और छात्र शामिल हुए। इससे शैक्षिक आदान-प्रदान के साथ ही भविष्य में संयुक्त अनुसंधान के रास्ते खुले। लैब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता से कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया।
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