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मेरठ में स्थापित किया जाए आईटी हब : गोविल
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मेरठ। भाजपा सांसद अरुण गोविल ने बुधवार को संसद में मेरठ में एक वृहद आईटी हब स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने इसे क्षेत्र के युवाओं के रोजगार, उद्योग विकास और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए आवश्यक बताया।
सद ने कहा कि वेदव्यासपुरी मेरठ में 2017 में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) केंद्र की आधारशिला रखी गई थी जिसका उद्घाटन 2021 में हुआ। यह आईटी पार्क वर्तमान में लगभग 25,000 वर्ग फुट क्षेत्र में 133 सीटों की क्षमता के साथ संचालित है जिसमें करीब 10 आईटी कंपनियां कार्यरत हैं। मेरठ के करीब 10,000 युवा आज भी बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में आईटी क्षेत्र में काम करने को मजबूर हैं। मेरठ की भौगोलिक स्थिति, दिल्ली से निकटता और आधुनिक कनेक्टिविटी इसे आईटी निवेश के लिए उपयुक्त बनाती है। वर्तमान एसटीपीआई केंद्र की सीमित क्षमता स्थानीय प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर नहीं दे पा रही है।
सांसद ने केंद्र सरकार से मेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेसवे के पास 250 हेक्टेयर भूमि पर एक वृहद आईटी हब विकसित करने की ठोस योजना बनाने की मांग की। यह हब स्थानीय युवाओं को रोजगार देगा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आईटी क्षेत्र में पहचान दिलाएगा, निवेश आकर्षित करेगा और निर्यात बढ़ाएगा। सांसद के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि देशभर में 70 एसटीपीआई कार्यरत हैं। मेरठ के एसटीपीआई में आधुनिक आईटी संरचना है, जिसमें 2284 वर्ग फुट का स्पेस और 133 पीएनपी सीटें हैं। वर्तमान में नौ आईटी कंपनियों द्वारा युवाओं को रोजगार दिया गया है और मंत्रालय युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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सद ने कहा कि वेदव्यासपुरी मेरठ में 2017 में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) केंद्र की आधारशिला रखी गई थी जिसका उद्घाटन 2021 में हुआ। यह आईटी पार्क वर्तमान में लगभग 25,000 वर्ग फुट क्षेत्र में 133 सीटों की क्षमता के साथ संचालित है जिसमें करीब 10 आईटी कंपनियां कार्यरत हैं। मेरठ के करीब 10,000 युवा आज भी बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में आईटी क्षेत्र में काम करने को मजबूर हैं। मेरठ की भौगोलिक स्थिति, दिल्ली से निकटता और आधुनिक कनेक्टिविटी इसे आईटी निवेश के लिए उपयुक्त बनाती है। वर्तमान एसटीपीआई केंद्र की सीमित क्षमता स्थानीय प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर नहीं दे पा रही है।
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सांसद ने केंद्र सरकार से मेरठ-प्रयागराज एक्सप्रेसवे के पास 250 हेक्टेयर भूमि पर एक वृहद आईटी हब विकसित करने की ठोस योजना बनाने की मांग की। यह हब स्थानीय युवाओं को रोजगार देगा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आईटी क्षेत्र में पहचान दिलाएगा, निवेश आकर्षित करेगा और निर्यात बढ़ाएगा। सांसद के प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि देशभर में 70 एसटीपीआई कार्यरत हैं। मेरठ के एसटीपीआई में आधुनिक आईटी संरचना है, जिसमें 2284 वर्ग फुट का स्पेस और 133 पीएनपी सीटें हैं। वर्तमान में नौ आईटी कंपनियों द्वारा युवाओं को रोजगार दिया गया है और मंत्रालय युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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