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Meerut News: सिंचाई संघ ने की सींचपालों को डिजिटल क्रॉप सर्वे ड्यूटी से मुक्त करने की मांग
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सरधना। सिंचाई संघ स्थानीय शाखा मेरठ खंड गंगा नहर के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को एसडीएम उदित नारायण सेंगर को ज्ञापन सौंपकर सींचपालों व सींच पर्यवेक्षकों को डिजिटल क्रॉप सर्वे ड्यूटी से मुक्त किए जाने की मांग की है।
संघ अध्यक्ष विनय कुमार ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि शासनादेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य के लिए सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का कोई उल्लेख नहीं है। बावजूद इसके उन्हें इस कार्य में लगाया जा रहा है, जिससे उनका कार्यभार और मानसिक तनाव दोनों बढ़ रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि खंड में 141 स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल 54 सींचपाल और सींच पर्यवेक्षक कार्यरत हैं, जो पहले से ही अपने मूल कार्य के अलावा अतिरिक्त चौकी हल्के और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित बीएलओ ड्यूटी भी निभा रहे हैं। ऐसे में डिजिटल सर्वे की अतिरिक्त जिम्मेदारी देना अनुचित है।
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संघ ने स्पष्ट किया कि शासनादेश के अनुसार यह कार्य पंचायत सहायक, ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, खंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक तथा गन्ना और उद्यान विभाग के कर्मचारियों के लिए निर्धारित है। ऐसे में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को इसमें शामिल करना न केवल अनुचित, बल्कि शासनादेश का उल्लंघन भी है।
संघ ने एसडीएम से मांग की है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे ड्यूटी संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए और सींचपालों व पर्यवेक्षकों को उनके मूल दायित्वों का निर्वह्न करने दिया जाए, ताकि विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
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संघ अध्यक्ष विनय कुमार ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि शासनादेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य के लिए सिंचाई विभाग के कर्मचारियों का कोई उल्लेख नहीं है। बावजूद इसके उन्हें इस कार्य में लगाया जा रहा है, जिससे उनका कार्यभार और मानसिक तनाव दोनों बढ़ रहे हैं।
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ज्ञापन में बताया गया कि खंड में 141 स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल 54 सींचपाल और सींच पर्यवेक्षक कार्यरत हैं, जो पहले से ही अपने मूल कार्य के अलावा अतिरिक्त चौकी हल्के और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित बीएलओ ड्यूटी भी निभा रहे हैं। ऐसे में डिजिटल सर्वे की अतिरिक्त जिम्मेदारी देना अनुचित है।
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संघ ने स्पष्ट किया कि शासनादेश के अनुसार यह कार्य पंचायत सहायक, ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, खंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक तथा गन्ना और उद्यान विभाग के कर्मचारियों के लिए निर्धारित है। ऐसे में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को इसमें शामिल करना न केवल अनुचित, बल्कि शासनादेश का उल्लंघन भी है।
संघ ने एसडीएम से मांग की है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे ड्यूटी संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए और सींचपालों व पर्यवेक्षकों को उनके मूल दायित्वों का निर्वह्न करने दिया जाए, ताकि विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।