{"_id":"6872c490e6acc691d500ba55","slug":"innovation-in-education-sector-will-lead-to-better-development-dr-chaman-meerut-news-c-72-1-mrt1063-136892-2025-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा क्षेत्र में नवाचार से होगा बेहतर विकास : डॉ. चमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा क्षेत्र में नवाचार से होगा बेहतर विकास : डॉ. चमन
विज्ञापन
मेरठ। केएल इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षा के लिए सर्वोत्तम नवीन प्रथाओं पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीबीएसई की ज्वाइंट सेक्रेटरी पूनम सचदेवा रहीं। विद्यालय के वाइस चेयरमैन तेजेंद्र खुराना, डायरेक्टर हरनीत खुराना एवं प्रधानाचार्य सुधांशु शेखर ने मुख्य अतिथि सहित अन्य विशेषज्ञों का स्वागत किया। इसके बाद पूनम ने वेबसाइट मेरठ डिस्ट्रिक्ट का शुभारंभ किया।
कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय से आए डॉ. चमन सिंह (गणित) एवं डॉ. अरिजीत चौधरी (भौतिकी) ने विचार व्यक्त किए। डॉ. चमन सिंह ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में नवाचार से ही बेहतर विकास होगा। उन्होंने स्कूली शिक्षा में विज्ञान एवं तकनीक का महत्व बताया। इसके साथ ही एनईपी पर आधारित एक्टिव लर्निंग पर जोर दिया गया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से आए डॉ. अनुज कुमार (भौतिकी) एवं डॉ. कविता शर्मा (भौतिकी) ने जलवायु परिवर्तन के रूप में एसटीईएम की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने 21वीं सदी के कौशल को अपनाते हुए भविष्य की शिक्षा के नवीनीकरण के महत्व को बताया। कार्यशाला में तपन शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नए प्रयोगों पर जोर दिया। कार्यशाला में अन्य विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने विज्ञान तथा गणित के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला में डीडीटीसी गोपाल दीक्षित, सपना आहुजा, एके दूबे डॉ. कर्मेद्र सिंह, नवीन शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय से आए डॉ. चमन सिंह (गणित) एवं डॉ. अरिजीत चौधरी (भौतिकी) ने विचार व्यक्त किए। डॉ. चमन सिंह ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में नवाचार से ही बेहतर विकास होगा। उन्होंने स्कूली शिक्षा में विज्ञान एवं तकनीक का महत्व बताया। इसके साथ ही एनईपी पर आधारित एक्टिव लर्निंग पर जोर दिया गया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से आए डॉ. अनुज कुमार (भौतिकी) एवं डॉ. कविता शर्मा (भौतिकी) ने जलवायु परिवर्तन के रूप में एसटीईएम की भूमिका पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
उन्होंने 21वीं सदी के कौशल को अपनाते हुए भविष्य की शिक्षा के नवीनीकरण के महत्व को बताया। कार्यशाला में तपन शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नए प्रयोगों पर जोर दिया। कार्यशाला में अन्य विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने विज्ञान तथा गणित के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला में डीडीटीसी गोपाल दीक्षित, सपना आहुजा, एके दूबे डॉ. कर्मेद्र सिंह, नवीन शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन