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इनोवा, स्कार्पियो जैसे बड़े वाहन रखने वालों के लिए खास खबर, पढ़े जरूर

Mon, 30 Jan 2017 03:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Mon, 30 Jan 2017 03:45 PM IST
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Innova and Scorpio for those, important news
इनोवा कार

यदि आपके पास इनोवा, स्कार्पियो या अन्य कोई बड़ा निजी वाहन है तो प्रशासन इन्हें चुनाव के लिए अधिग्रहीत कर सकता है। शहर के लोगों के पास आरटीओ के माध्यम से वाहन अधिग्रहण के नोटिस भेजे जा रहे हैं।

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नोटिस में वाहन स्वामियों को ड्राइवर के साथ गाड़ी निर्वाचन कार्य के लिए भेजने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश से वाहन स्वामियों में हड़कंप मचा है। इनमें अधिकांश ऐसे भी हैं, जिनके पास एक ही वाहन है। ऐसे में तमाम वाहन स्वामी कलक्ट्रेट के साथ सिफारिशों के लिए चक्कर लगा रहे हैं। डीएम बी. चंद्रकला ने बताया कि पिछले चुनावों में सेक्टर मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस अधिकारी एक ही वाहन में चलते थे। इस कारण पुलिस फोर्स उनके साथ कम हो जाती थी। इस बार चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों अधिकारियों को अलग-अलग वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इससे जिले में 480 वाहनों की जरूरत होगी। जबकि, प्रशासन के पास वाहनों की उपलब्धता बहुत कम है। इसी कारण वाहन अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
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हमें हो रही दिक्कत
मैं इन दिनों पार्टी के प्रचार में लगा हूं और बड़ी गाड़ी से ही घूमता हूं। लेकिन, मेरे पास गाड़ी अधिग्रहण का नोटिस आया है। प्रशासन को बड़ी गाड़ी ही क्यों चाहिए, वह छोटी गाड़ियां भी हायर कर सकता है। जिले में हजारों टैक्सियां हैं, उनका अधिग्रहण पहले होना चाहिए। - डॉ. मुकेश परमार, भाजपा नेता
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बाहर कैसे जाऊंगा
मैं व्यापारी हूं और मेरे भाई के नाम पर गाड़ी है। इस गाड़ी से लगभग हर दिन व्यापार के सिलसिले में मुझे और भाई को दूसरे कस्बों और शहरों में आना-जाना होता है। प्रशासन की तरफ से गाड़ी अधिग्रहण का नोटिस आया है। गाड़ी प्रशासन को सौंप दूंगा तो व्यापार कैसे करूंगा। -सुधीर गर्ग, व्यवसायी

कैसे जाएंगे हॉस्पिटल
मैं व्यापारी हूं और मेरे पास एक ही गाड़ी है। मेरे पिता भी बीमार रहते हैं। अक्सर उन्हें मेदांता अस्पताल ले जाना पड़ता है। नोटिस मिलने से परेशान हूं।  प्रशासन को प्राइवेट नंबर पर चलने वाली टैक्सी लेनी चाहिए। प्रशासन का यह आदेश तानाशाही पूर्ण है। -विपुल सिंघल, व्यापारी 


अधिग्रहण नियमों के तहत
डीएम ने बताया कि निजी वाहनों का अधिग्रहण नियमों के तहत हो रहा है। जिसे सख्त जरूरत है, वह उचित कारण बताते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के यहां आवेदन कर सकता है। जहां पर उसके कारण को समझते हुए छूट दी जा सकती है।

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