मेरठ कॉलेज में एडमिशन लेने गए छात्र से धक्का-मुक्की, भगाया
परीक्षितगढ़ थानाक्षेत्र के खजूरी गांव निवासी मोहसिन खान पुत्र हसमत अली शुक्रवार शाम मेरठ कॉलेज में एडमिशन लेने पहुंचा था। उसका एलएलबी की दूसरी मेरिट में नाम आया था। आरोप है कि एडमिशन प्रक्रिया संभाल रहे कर्मचारियों ने सभी के कागजात जमा कर लिए और उसे नजरअंदाज कर दिया।
उसने जब कहा कि उसका नाम दूसरी मेरिट में आया है तो पास ही खड़े कुछ छात्रों ने उसकी मार्कशीट उठा ली। मोहसिन का कहना है कि मार्कशीट पर उसका नाम और जामिया मिलिया इस्लामिया का जिक्र देखते ही इन छात्रों ने अभद्रता शुरू कर दी। उसे लेकर धार्मिक टिप्पणी करने लगे। यहां तक कि उसे पाकिस्तान जाकर एडमिशन लेने की नसीहत तक दे डाली। देखते ही देखते इन छात्रों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
मोहसिन ने बताया कि जब वह छात्र उसके साथ अभद्रता कर रहे थे तो पास ही कुछ अन्य छात्रों का गुट भी खड़ा था। इस गुट से दो छात्र वहां आए और बीच-बचाव कराने लगे। वह उसे अपने साथ कॉलेज के गेट तक ले आए और घर जाने की सलाह दी। वह कॉलेज में हुए इस व्यवहार से बुरी तरह डर गया था। इसलिए उसने तुरंत पास खड़ी यूपी-100 गाड़ी में बैठे पुलिसकर्मियों से मदद मांगी।
पुलिसकर्मी मोहसिन को साथ लेकर लालकुर्ती थाने पहुंच गए। इस प्रकरण के बाद मेरठ कॉलेज परिसर में काफी देर तक हड़कंप मचा रहा। युवक के एडमिशन का विरोध जताने वाले छात्र काफी देर तक वहीं आसपास मंडराते रहे, लेकिन किसी ने भी उन छात्रों की हरकत पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
गलत आरोप लगा रहा है छात्र
पूरे मामले में मेरठ कॉलेज की चीफ प्रॉक्टर डॉ. अलका चौधरी का कहना है कि कॉलेज में कोई मारपीट नहीं हुई। उन्होंने विधि विभाग में जानकारी की तो सामने आया कि मोहसिन नाम का छात्र एडमिशन का समय खत्म होने के बाद करीब साढ़े तीन बजे आया था। उसके पास ड्राफ्ट नहीं था। एडमिशन कमेटी ने उसे बताया कि अब एडमिशन नहीं होगा। इस पर वह जोर-जोर से बोलते हुए बहस करने लगा।
एडमिशन से इंकार किए जाने पर वह बड़बड़ाते हुए चला गया। उसने एडमिशन नहीं होने का कारण क्या बताया है, यह हमें नहीं पता। कॉलेज प्रशासन के पास मारपीट की कोई शिकायत नहीं आई है। छात्र की तरफ से अगर तहरीर दी गई है तो शनिवार को उस समय की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई जाएगी। सारा सच सामने आ जाएगा। यहां सभी धर्मों के छात्र पढ़ते हैं।