आयकर विभाग के रडार पर चिकित्सक
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गढ़ रोड पर मेडिकल कॉलेज के सामने शहर का सबसे बड़ा अस्पताल बनवाया जा रहा है। करोड़ों की लागत से बन रहे इस अस्पताल में 12 चिकित्सक पार्टनर है। आयकर विभाग के अधिकारी युवराज मलिक और एनपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने इस निर्माणाधीन अस्पताल का सर्वे किया। वहां से तमाम साक्ष्यों सहित रिपोर्ट तैयार की। दूसरी टीम तेजगढ़ी चौराहा से शास्त्रीनगर जाने वाले मार्ग पर स्थित उपाध्याय नर्सिंग होम पहुंची। इस टीम में आयकर अधिकारी संजीव और रवि भारती सहित कई इंस्पेक्टर मौजूद थे।
जहां नर्सिंग होम का पूरा रिकॉर्ड शाम तक खंगालते हुए कुछ अभिलेख कब्जे में लिये। तीसरी टीम मोदीपुरम स्थित एसडीएस ग्लोबल अस्पताल पहुंची। इस टीम में स्वयं ज्वाइंट कमिश्नर अर्केंद्र सिंह मौजूद थे। यहां भी पूरा रिकार्ड खंगालते हुए कुछ अभिलेख कब्जे में लिए गए। इस दौरान पुलिस बल अस्पताल के बाहर मौजूद रहा।
दो चिकित्सकों के यहां भी पहुंची टीम
आयकर टीम दो नर्सिंग होम, एक निर्माणाधीन नर्सिंग होम के अलावा दो चिकित्सकों के यहां भी पहुंची और पड़ताल की। हालांकि टीम के सदस्यों ने कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया।
पांच स्थानों पर सर्वे
ज्वाइंट कमिश्नर अर्केंद्र सिंह ने छापे के बारे में गहनता से कुछ भी बताने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह धारा 133 ए का सर्वे है। जो इस समय एक साथ पांच स्थानों पर चल रहा है। अगर कहीं भी कोई गड़बड़ी मिलेगी तो उस पर कार्रवाई तय की जायेगी। लेकिन फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते हैं।
नहीं लिया लंच
मोदीपुरम। अस्पताल में आयकर टीम के लिए एक प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट से लंच मंगाया गया। टीम के सदस्यों ने अस्पताल का पानी तो पिया। लेकिन कुछ नहीं खाया।
मेरी मौजूदगी मत दिखाना
एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में एक महिला चिकित्सक ने आयकर टीम के आने पर स्टाफ से कह दिया कि मेरे मरीज मत बताना और मेरी मौजूदगी भी यहां मत दिखाना। इसके बाद महिला चिकित्सक अस्पताल से चली गयी। वहीं, अन्य चिकित्सक भी राउंड पर अस्पताल नहीं आये। जिसके चलते अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदार परेशान नजर आये।
टीम के सामने की शिकायत
आयकर टीम के सामने अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों ने आरोप लगाए। खतौली क्षेत्र के तुलसीपुर गांव निवासी एक महिला एक माह से अस्पताल में भर्ती है। अब उसे बिना बताए ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब पैसे के लिए दबाव बना रहे हैं।