{"_id":"68586a92bbd29293860deba7","slug":"in-the-case-of-extortion-and-firing-the-police-got-a-written-report-of-their-own-accord-sardana-news-c-44-1-smrt1055-108699-2025-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगदारी व फायरिंग मामले में पुलिस ने मनमाफिक तहरीर लिखवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंगदारी व फायरिंग मामले में पुलिस ने मनमाफिक तहरीर लिखवाई
विज्ञापन
रोहटा। रोहटा गांव में रंगदारी न देने पर बदमाशों द्वारा व्यापारी के घर पर फायरिंग की घटना के चार दिन बाद भी पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाई है। इससे गांव और स्थानीय व्यापारियों में दहशत का माहौल है। पीड़ित व्यापारी के परिवार ने जान का खतरा बताते हुए घर और दुकान में ताला डालकर यहां से चला गया।
मेरठ-बड़ौत मार्ग स्थित रोहटा बस स्टाप के पास योगेंद्र बिंदल की किराना की दुकान है। बृहस्पतिवार शाम बाइक सवार तीन बदमाश दुकान पर पहुंचे और तमंचा दिखाकर उससे पांच लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। विरोध करने पर बदमाशों ने कुछ देर बाद व्यापारी के घर जाकर फायरिंग कर दी और मौके से भाग गए। घटना से भयभीत परिवार ने शुक्रवार को दुकान और मकान पर तारा लगाते हुए परिजनों के साथ गांव छोड़ दिया। इस वारदात से गांव के अन्य व्यापारियों में भी दहशत फैल गई।
आरोप है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को छिपाने के लिए पीड़ित के बहनोई तरुण गोयल निवासी माधवपुरम, थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ से मनमाफिक तहरीर लिखवा ली और धमकी देने की सामान्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर इतिश्री कर ली। पुलिस ने गांव निवासी जितेंद्र, धर्मेंद्र और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है, लेकिन चार दिन बीतने पर भी पुलिस बदमाशों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाई है। इससे व्यापारी वर्ग में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है।
विज्ञापन
सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मोबाइल लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है।
विज्ञापन
मेरठ-बड़ौत मार्ग स्थित रोहटा बस स्टाप के पास योगेंद्र बिंदल की किराना की दुकान है। बृहस्पतिवार शाम बाइक सवार तीन बदमाश दुकान पर पहुंचे और तमंचा दिखाकर उससे पांच लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। विरोध करने पर बदमाशों ने कुछ देर बाद व्यापारी के घर जाकर फायरिंग कर दी और मौके से भाग गए। घटना से भयभीत परिवार ने शुक्रवार को दुकान और मकान पर तारा लगाते हुए परिजनों के साथ गांव छोड़ दिया। इस वारदात से गांव के अन्य व्यापारियों में भी दहशत फैल गई।
विज्ञापन
आरोप है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को छिपाने के लिए पीड़ित के बहनोई तरुण गोयल निवासी माधवपुरम, थाना ब्रह्मपुरी, मेरठ से मनमाफिक तहरीर लिखवा ली और धमकी देने की सामान्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर इतिश्री कर ली। पुलिस ने गांव निवासी जितेंद्र, धर्मेंद्र और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है, लेकिन चार दिन बीतने पर भी पुलिस बदमाशों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाई है। इससे व्यापारी वर्ग में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है।
विज्ञापन
सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मोबाइल लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है।