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‘शहर में फर्जी बीएएमएस को सहयोग कर रहा आईएमए’
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‘शहर में फर्जी बीएएमएस को सहयोग कर रहा आईएमए’
मेरठ। आयुर्वेद के चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार दिए जाने पर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) केंद्र सरकार के निर्णय का समर्थन कर रही है। उनका कहना है कि इस मामले में आईएमए विरोध गलत है, बल्कि आईएमए शहर में ऐसे बीएएमएस का सहयोग कर रही है जिनके पास फर्जी डिग्रियां हैं।
नीमा के पदाधिकारियों ने शनिवार शाम सूरजकुंड रोड स्थित निभा भवन में प्रेस कान्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि बीएएमएस के करीब 350 चिकित्सक नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) में पंजीकृत हैं। वह उतने ही काबिल है जितने आईएमए के सर्जन। आयुर्वेद के पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सक दशकों से शल्य क्रिया करते आए हैं, लेकिन आईएमए के चिकित्सक षड्यंत्र वाली रणनीति के तहत इस नोटिफिकेशन का विरोध कर रहे हैं। इस दौरान नीमा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम प्रकाश, सचिव डॉ. मिस्बाह उर रहमान, डॉ. पीयूष, डॉ. नागेंद्र, डॉ. आईपी सिंह, डॉ. बृजेश त्यागी और डॉ. पीयूष शर्मा आदि रहे। गौरतलब है कि बीएएमएस को सर्जरी की अनुमति देने वाले अध्यादेश के खिलाफ आईएमए देशभर में प्रदर्शन कर रही है। मेरठ में 10, 11 और 12 फरवरी को चिकित्सक क्रमिक अनशन पर रहे थे।
नीमा के पदाधिकारियों ने कहा की सरकार ने आयुष के चिकित्सकों से कोविड-19 के तहत 6 महीने तक ड्यूटी कराई है। अब उन्हें हटाया जा रहा है। यह सरकार का गलत निर्णय है, उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए। नीमा इसका विरोध करती है। मेरठ में ऐसे 28 चिकित्सकों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
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मेरठ। आयुर्वेद के चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार दिए जाने पर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) केंद्र सरकार के निर्णय का समर्थन कर रही है। उनका कहना है कि इस मामले में आईएमए विरोध गलत है, बल्कि आईएमए शहर में ऐसे बीएएमएस का सहयोग कर रही है जिनके पास फर्जी डिग्रियां हैं।
नीमा के पदाधिकारियों ने शनिवार शाम सूरजकुंड रोड स्थित निभा भवन में प्रेस कान्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि बीएएमएस के करीब 350 चिकित्सक नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) में पंजीकृत हैं। वह उतने ही काबिल है जितने आईएमए के सर्जन। आयुर्वेद के पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सक दशकों से शल्य क्रिया करते आए हैं, लेकिन आईएमए के चिकित्सक षड्यंत्र वाली रणनीति के तहत इस नोटिफिकेशन का विरोध कर रहे हैं। इस दौरान नीमा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम प्रकाश, सचिव डॉ. मिस्बाह उर रहमान, डॉ. पीयूष, डॉ. नागेंद्र, डॉ. आईपी सिंह, डॉ. बृजेश त्यागी और डॉ. पीयूष शर्मा आदि रहे। गौरतलब है कि बीएएमएस को सर्जरी की अनुमति देने वाले अध्यादेश के खिलाफ आईएमए देशभर में प्रदर्शन कर रही है। मेरठ में 10, 11 और 12 फरवरी को चिकित्सक क्रमिक अनशन पर रहे थे।
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नीमा के पदाधिकारियों ने कहा की सरकार ने आयुष के चिकित्सकों से कोविड-19 के तहत 6 महीने तक ड्यूटी कराई है। अब उन्हें हटाया जा रहा है। यह सरकार का गलत निर्णय है, उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए। नीमा इसका विरोध करती है। मेरठ में ऐसे 28 चिकित्सकों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
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