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ढाबों पर सप्लाई होती थी जागृति विहार में बन रही शराब
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ढाबों पर सप्लाई होती थी जागृति विहार में बन रही शराब
मेरठ। जागृति विहार एक्सटेंशन में अवैध रूप से बन रही शराब हाईवे के ढाबों पर सप्लाई की जाती थी। आबकारी विभाग की शुरुआती जांच में यह जानकारी मिली है। फरार आरोपियों में शामिल एक तस्कर की हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। यह तस्कर मेरठ, शामली और बिजनौर जिले में तस्करी की शराब पहुंचाता रहा है।
जागृति विहार एक्सटेंशन के जिस फ्लैट में शराब बनाने का माल पकड़ा गया, उस फ्लैट में काफी मात्रा में पुरानी बोतल और क्वार्टर भी मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन्ही क्वार्टर में शराब भरकर ढाबों पर पहुंचाई जाती थी। ढाबों से ऐसी शराब बिकने पर कोई ज्यादा शक भी नहीं कर पाता है। तीन फरार आरोपियों सोनू त्यागी, सोनू शर्मा और राजीव गोयल में एक शख्स का ढाबों पर शराब सप्लाई का काम रहा है। यह पूर्व में पकड़ा भी गया था। बताया जा रहा है कि पहले एक सत्ताधारी नेता ने इसके लिए सिफारिश भी की थी।
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फ़ोन खोलेगा शराब के खेल का सच
- अफसरों का कहना है कि फ्लैट में जिस तरह का सामान मिला है, उसे देखकर लगता है कि कोई सेल्समैन भी इसमें संलिप्त है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनके फोन से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने की संभावना है। विभाग के कुछ लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती हैं। आरोपियोें के फोन नंबरों की पड़ताल से भी सही सच सामने आ सकता है। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार का कहना है कि शुरूआती जांच में ढाबों का कनेक्शन सामने आ रहा है। फरार आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। इसके बाद ही नेटवर्क का पूरा खेल सामने आ सकेगा।
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मेरठ। जागृति विहार एक्सटेंशन में अवैध रूप से बन रही शराब हाईवे के ढाबों पर सप्लाई की जाती थी। आबकारी विभाग की शुरुआती जांच में यह जानकारी मिली है। फरार आरोपियों में शामिल एक तस्कर की हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। यह तस्कर मेरठ, शामली और बिजनौर जिले में तस्करी की शराब पहुंचाता रहा है।
जागृति विहार एक्सटेंशन के जिस फ्लैट में शराब बनाने का माल पकड़ा गया, उस फ्लैट में काफी मात्रा में पुरानी बोतल और क्वार्टर भी मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन्ही क्वार्टर में शराब भरकर ढाबों पर पहुंचाई जाती थी। ढाबों से ऐसी शराब बिकने पर कोई ज्यादा शक भी नहीं कर पाता है। तीन फरार आरोपियों सोनू त्यागी, सोनू शर्मा और राजीव गोयल में एक शख्स का ढाबों पर शराब सप्लाई का काम रहा है। यह पूर्व में पकड़ा भी गया था। बताया जा रहा है कि पहले एक सत्ताधारी नेता ने इसके लिए सिफारिश भी की थी।
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फ़ोन खोलेगा शराब के खेल का सच
- अफसरों का कहना है कि फ्लैट में जिस तरह का सामान मिला है, उसे देखकर लगता है कि कोई सेल्समैन भी इसमें संलिप्त है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनके फोन से महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने की संभावना है। विभाग के कुछ लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती हैं। आरोपियोें के फोन नंबरों की पड़ताल से भी सही सच सामने आ सकता है। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार का कहना है कि शुरूआती जांच में ढाबों का कनेक्शन सामने आ रहा है। फरार आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। इसके बाद ही नेटवर्क का पूरा खेल सामने आ सकेगा।
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