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Meerut News: घटतौली मिली तो तौल लिपिक का लाइसेंस निलंबित होगा
Thu, 13 Nov 2025 02:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 13 Nov 2025 02:34 AM IST
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मेरठ। किसी भी गन्ना क्रय केंद्र पर घटतौली या अशुद्ध तौल पाए जाने पर संबंधित तौल लिपिक का लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा। दोषी तौल कर्मियों, चीनी मिल प्रबंधन और संबंधित सॉफ्टवेयर प्रदाताओं के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश मेरठ परिक्षेत्र के उप चीनी आयुक्त सुभाष चंद्र ने दिए हैं।
उनका कहना है कि तौल प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक चीनी मिल पर न्यूनतम दस टन क्षमता का मैनुअल कांटा स्थापित किया जाना अनिवार्य है। किसान अपनी शिकायत मिल गेट और सभी क्रय केंद्रों पर नियंत्रण कक्ष , नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर और गन्ना आयुक्त कार्यालय के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सभी इलेक्ट्रॉनिक कांटों की सत्यापन प्रक्रिया विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा कराई जाएगी और बिना सत्यापन के कोई भी कांटा उपयोग में नहीं लाया जा सकेगा।
एक केंद्र पर बार बार तैनात नहीं होगा लिपिक
- गन्ना तौल लिपिकों की नियुक्ति और स्थानांतरण प्रक्रिया को भी डिजिटल किया गया है। सभी तौल लिपिकों को जिला मजिस्ट्रेट से वैध लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक लिपिक को एक यूनिक कोड नंबर आवंटित किया जाएगा। स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से की जाएगी ताकि कोई तौल लिपिक एक ही गन्ना क्रय केंद्र पर बार-बार न तैनात हो सके। जिन तौल लिपिकों के लाइसेंस पूर्व में निरस्त किए गए हैं, उन्हें तौल कार्य के लिए नियुक्त नहीं किया जाएगा। सहायक चीनी आयुक्त चन्द्र मोहन उपाध्याय का कहना है कि सभी गन्ना क्रय केन्द्रों का प्रति माह निरीक्षण किया जाएगा।
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केंद्र पर यह सुविधा जरूरी
-प्रत्येक चीनी मिल के गेट पर और गन्ना क्रय केन्द्रों पर किसानों के लिए स्वच्छ पीने का पानी, पशुओं के लिए पानी की नान्द, प्रकाश व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत और बैठने के लिए टीन शेड होनी चाहिए। किसी भी दशा में किसानों से गन्ने की लोडिंग या अनलोडिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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उनका कहना है कि तौल प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक चीनी मिल पर न्यूनतम दस टन क्षमता का मैनुअल कांटा स्थापित किया जाना अनिवार्य है। किसान अपनी शिकायत मिल गेट और सभी क्रय केंद्रों पर नियंत्रण कक्ष , नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर और गन्ना आयुक्त कार्यालय के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सभी इलेक्ट्रॉनिक कांटों की सत्यापन प्रक्रिया विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा कराई जाएगी और बिना सत्यापन के कोई भी कांटा उपयोग में नहीं लाया जा सकेगा।
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एक केंद्र पर बार बार तैनात नहीं होगा लिपिक
- गन्ना तौल लिपिकों की नियुक्ति और स्थानांतरण प्रक्रिया को भी डिजिटल किया गया है। सभी तौल लिपिकों को जिला मजिस्ट्रेट से वैध लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक लिपिक को एक यूनिक कोड नंबर आवंटित किया जाएगा। स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से की जाएगी ताकि कोई तौल लिपिक एक ही गन्ना क्रय केंद्र पर बार-बार न तैनात हो सके। जिन तौल लिपिकों के लाइसेंस पूर्व में निरस्त किए गए हैं, उन्हें तौल कार्य के लिए नियुक्त नहीं किया जाएगा। सहायक चीनी आयुक्त चन्द्र मोहन उपाध्याय का कहना है कि सभी गन्ना क्रय केन्द्रों का प्रति माह निरीक्षण किया जाएगा।
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केंद्र पर यह सुविधा जरूरी
-प्रत्येक चीनी मिल के गेट पर और गन्ना क्रय केन्द्रों पर किसानों के लिए स्वच्छ पीने का पानी, पशुओं के लिए पानी की नान्द, प्रकाश व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत और बैठने के लिए टीन शेड होनी चाहिए। किसी भी दशा में किसानों से गन्ने की लोडिंग या अनलोडिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।