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Income Tax Raid: 90 के दशक में करते थे शेयर का काम... आज टॉप के बिल्डरों में होती है कमल ठाकुर की गिनती
Wed, 18 Dec 2024 12:16 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 18 Dec 2024 12:16 PM IST
सार
लखनऊ में हुए इन्वेस्टर्स समिट में कमल ठाकुर की फर्म ने मेरठ में 25 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का एमओयू साइन किया था। इससे कमल चर्चा में आ गए थे।
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छापे के दौरान बात करते कमल ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिल्डर कमल ठाकुर ने 90 के दशक में शेयर बाजार से कारोबार शुरू किया था। इसके बाद प्रॉपर्टी डीलिंग की और आगे बढ़ते चले गए। प्रॉपर्टी डीलर से धीरे-धीरे मेरठ के बड़े बिल्डरों में शुमार होने लगे। उन्होंने मेरठ में निजी क्षेत्र का पहला औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया। इसके साथ ही व्यापारी राजनीति में भी मुकाम बनाया।
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रोहटा रोड स्थित पूठखास गांव निवासी कमल की आर्थिक स्थिति 90 के दशक में सामान्य थी। वह पीएल शर्मा रोड पर शेयर ट्रेडिंग का काम करते थे। 1992 में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में वह जेल गए। मुजफ्फरनगर जेल में बंद रहने के दौरान उनकी मुलाकात व्यापारी नेता अरुण वशिष्ठ से हुई। इसके बाद कमल व्यापारी राजनीति में सक्रिय हो गए। अशोक गर्ग के साथ मिलकर उन्होंने 1996 में रोहटा रोड पर नंद विहार में प्रॉपर्टी डीलिंग शुरू कर दी और कई छोटी कॉलोनियां काटीं। इससे कमल की आर्थिक स्थिति बदलती चली गई और वह बिल्डर बन गए।
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1998 में संयुक्त व्यापार संघ की राजनीति से जुड़ गए। संयुक्त व्यापार संघ में मंत्री के बाद वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए गए। कमल ठाकुर ने पूर्व पार्षद प्रदीप गुप्ता की पार्टनरशिप में बागपत रोड पर विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र के नाम से मेरठ का पहला निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया। इसके बाद बागपत रोड पर पांचली गांव में बांके बिहारी ट्रांसपोर्ट नगर के नाम से निजी क्षेत्र का पहला टीपीनगर विकसित किया। लखनऊ में हुए इन्वेस्टर्स समिट में कमल ठाकुर की फर्म ने बागपत रोड पर ही 25 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का एमओयू साइन किया। इससे कमल की गिनती चर्चित बिल्डरों में होने लगी।