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स्कूली बच्चों ने कितने को किया साक्षर
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स्कूली बच्चों ने कितनों को किया साक्षर, शासन ने डाटा मांगा
बिजनौर। बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा छह से आठ तक के बच्चों द्वारा जिले में कितने निरक्षरों को साक्षर बनाया गया है, इसकी जांच पड़ताल शुरू हो गई है। शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से साक्षर बनाए गए लोगों की सूची मांगी है। अब ब्लॉकवार सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने इसकी कवायद तेज कर दी है।
शासन ने दो अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर परिषदीय स्कूलों के कक्षा छह से आठ तक के सभी बालक एवं बालिकाओं को एक-एक निरक्षर को साक्षर करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए ब्लॉकवार सभी शिक्षकों की देखरेख में जूनियर हाई स्कूल के बालक एवं बालिकाओं को एक-एक निरक्षर को साक्षर करना था। छात्र द्वारा गांव के किस व्यक्ति या महिला को साक्षर किया है, इसकी सूचना संबंधित शिक्षक को देनी थी।
शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बीएसए से जिले में तीन महीने के उपरांत कितने निरक्षरों को स्कूली बच्चों द्वारा साक्षर किया गया इसकी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से साक्षर किए गए लोगों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान पर जिले के सभी बीईओ नजर रखे हुए थे। बच्चों द्वारा साक्षर किए गए व्यक्तियों की सूची उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित शिक्षक से भी जवाब तलब किया जाएगा।
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साक्षर के लिए सिखाना था नाम लिखना
बिजनौर। शासन के निर्देश पर जूनियर हाई स्कूल के शिक्षकों ने कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं को एक-एक व्यक्ति को साक्षर करने के लिए घर-घर भेजा था। छात्रों को निरक्षर व्यक्ति को उसका नाम लिखना सिखाना था और हिंदी की वर्णमाला का ज्ञान भी कराया जाना था। स्कूूली छात्र छात्राओं द्वारा इसके लिए अभियान चलाया गया है।
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बिजनौर। बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा छह से आठ तक के बच्चों द्वारा जिले में कितने निरक्षरों को साक्षर बनाया गया है, इसकी जांच पड़ताल शुरू हो गई है। शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से साक्षर बनाए गए लोगों की सूची मांगी है। अब ब्लॉकवार सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने इसकी कवायद तेज कर दी है।
शासन ने दो अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर परिषदीय स्कूलों के कक्षा छह से आठ तक के सभी बालक एवं बालिकाओं को एक-एक निरक्षर को साक्षर करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए ब्लॉकवार सभी शिक्षकों की देखरेख में जूनियर हाई स्कूल के बालक एवं बालिकाओं को एक-एक निरक्षर को साक्षर करना था। छात्र द्वारा गांव के किस व्यक्ति या महिला को साक्षर किया है, इसकी सूचना संबंधित शिक्षक को देनी थी।
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शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बीएसए से जिले में तीन महीने के उपरांत कितने निरक्षरों को स्कूली बच्चों द्वारा साक्षर किया गया इसकी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से साक्षर किए गए लोगों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान पर जिले के सभी बीईओ नजर रखे हुए थे। बच्चों द्वारा साक्षर किए गए व्यक्तियों की सूची उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित शिक्षक से भी जवाब तलब किया जाएगा।
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साक्षर के लिए सिखाना था नाम लिखना
बिजनौर। शासन के निर्देश पर जूनियर हाई स्कूल के शिक्षकों ने कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं को एक-एक व्यक्ति को साक्षर करने के लिए घर-घर भेजा था। छात्रों को निरक्षर व्यक्ति को उसका नाम लिखना सिखाना था और हिंदी की वर्णमाला का ज्ञान भी कराया जाना था। स्कूूली छात्र छात्राओं द्वारा इसके लिए अभियान चलाया गया है।