मुंबई में होगी होटल हारमनी की नीलामी की जांच, व्यापारी ने 23 करोड़ लगाई बोली
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मेरठ में होटल हारमनी की नीलामी प्रक्रिया का मामला अब मुंबई तक जा पहुंचा है। हिमांशु पुरी के बचपन के दोस्त और व्यापारी नवीन अरोड़ा ने रिलायंस कैपिटल के मुख्य ऑफिस में एक बड़े अधिकारी से शिकायत की है। जिसके बाद मुंबई से जांच बैठा दी है। कहा गया कि यदि नीलामी प्रक्रिया में कोई धांधली की गई तो जांच के बाद दोषियों पर एक्शन लिया जाएगा।
शास्त्रीनगर निवासी हिमांशु पुरी करोड़ों रुपये के कर्ज के चलते परिवार सहित 6 मार्च को शहर छोड़कर चले गए। तब से उनका सिर्फ कुछ खास रिश्तेदारों और मित्रों से ही संपर्क है। हिमांशु पुरी के लापता होने की सूचना पर रिलायंस कैपिटल ने होटल हारमनी पर सील लगाते हुए नीलामी का नोटिस चस्पा कर दिया था। इस प्रक्रिया के तहत रिलायंस कैपिटल ने नीलामी में होटल की न्यूनतम बोली 19.50 करोड़ और आवास की 1.10 करोड़ रुपये तय की गयी थी। इस नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अंतिम तिथि 2 मई तय थी। जिसमें शहर के ही एक व्यापारी गुलशन सचदेवा द्वारा 23 करोड़ की सबसे ज्यादा बोली लगाने की चर्चा हो रही है।
वहीं, हिमांशु पुरी के खास दोस्त खंदक व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन अरोड़ा ने कुछ अभिलेखों को प्रस्तुत करते हुए बताया कि 23 मार्च को रिलायंस कैपिटल ने होटल की वैल्यू का आंकलन कराया था। जिसमें एक-एक फ्लोर, लिफ्ट, जेनरेटर आदि तमाम निर्माण और सामान की वैल्यू का आंकलन करने के बाद बाजार कीमत करीब 31.39 करोड़ रुपये आंकी थी। नवीन अरोड़ा का कहना है कि जब फाइनेंस कंपनी ने होटल की कीमत 31 करोड़ से ज्यादा आंकी है और कंपनी का कर्ज 24.50 करोड़ है, तो नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
मुख्य ऑफिस से जांच शुरू
नवीन अरोड़ा ने बताया कि कारोबारी हिमांशु पुरी ने होटल बनाने में कर्ज लिया जो वह कागजों में है। चोरी का पैसा नहीं लगाया। समय खराब आया तो वह परिवार के साथ चले गए। ऐसे में होटल की जो भी कीमत है, उससे कम बेचना गंभीर मामला है। होटल बनाने में एक नंबर का पैसा लगाया। इस मामले में नीलामी करने में कंपनी के अधिकारियों ने साजिश कर निर्धारित रेट से कम रेट तय किया। नवीन अरोड़ा के अनुसार कंपनी के मुंबई मुख्यालय से पूरे प्रकरण में जांच बैठा दी गई है। जिसमें भूमिका संदिग्ध होने पर नीलामी प्रक्रिया रद्द भी हो सकती है। नीलामी की प्रक्रिया नियमानुसार होनी चाहिए। खरीददारों की कोई कमी नहीं है।
करोड़ों की दलाली खाने की चर्चा
शहर में चर्चा है कि शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के एक व्यापारी नेता ने करोड़ों रुपये की दलाली खायी है। व्यापारी नेता का होटल भी है। यह व्यापारी हिमांशु के बचपन के दोस्त भी हैं। परिवार में पुराने समय से आना-जाना था। लेकिन हिमांशु पुरी करोड़ों के कर्ज के चलते लापता हुए तो यह व्यापारी ही दलाली खाने में लग गए। जिन पर हिमांशु को भरोसा था, उन्हीं लोगों ने नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया।
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