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उम्मीदों को लगेंगे पंख: सर्वे में हवाई पट्टी को हरी झंडी, मेरठ से उड़ान के लिए लाइसेंस की तैयारी

Sat, 07 Oct 2023 07:56 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 07 Oct 2023 07:56 AM IST
सार

मेरठ से हवाई उड़ान की उम्मीदों को पंख लगते नजर आ रहे हैं। परतापुर स्थित जमीन का सर्वेक्षण कराया गया था। जिसके बाद हवाई पट्टी को हरी झंडी दे दी गई है। मेडा, वन विभाग और किसानों की भूमि भी एयरपोर्ट अथॉरिटी के नाम पर दर्ज होगी।

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Hopes gets wings: Survey gives green signal to airstrip, now preparation for license for flight in Meerut
उड़ान - फोटो : Social Media

विस्तार

मेरठ के परतापुर स्थित हवाई पट्टी की जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी के सर्वे में पास हो गई है। इस पर 72 सीटर का हवाई जहाज उड़ान भर सकता है। डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से अब लाइसेंस की तैयारी शुरू कर दी गई है।

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जिला प्रशासन भी मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा), वन विभाग और किसानों की अधिग्रहण भूमि को एयरपोर्ट अथॉरिटी के अभिलेख में दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुट गया है। उम्मीद है कि एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी कर ऑनलाइन टेंडर डाला जा सकता है।
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दरअसल, हवाई पट्टी पर 53.55 हेक्टेयर जमीन है। इसमें से सिर्फ 35.37 हेक्टेयर जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी के अभिलेख में है, जबकि 14.39 हेक्टेयर मेरठ विकास प्राधिकरण, 5.76 हेक्टेयर किसानों, 0.440 हेक्टेयर वन विभाग और 0.0630 हेक्टेयर नाली चकरोड में दर्ज है।

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दावा किया गया है कि वन विभाग और प्राधिकरण के अलावा किसानों और नाली-चकरोड की भूमि को जिला प्रशासन अधिग्रहण कर चुका है। तीन साल से जिला प्रशासन हवाई पट्टी के विस्तारीकरण की बात कहकर 131 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की तैयारी में लगा है।

राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मौजूदा जमीन पर ही 72 सीटर हवाई जहाज की उड़ान कराने की बात कहकर एयरपोर्ट अथॉरिटी से सर्वे करवाया। अब अथॉरिटी की तकनीकी टीम ने मौजूदा जमीन में हवाई जहाज की उड़ान का दावा करते हुए रिपोर्ट दी है। इस पर जिला प्रशासन भी सहमत हो गया।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने प्राधिकरण और वन विभाग के अभिलेखों में दर्ज भूमि को अपने अभिलेखों में कराने की बात जिला प्रशासन से कही है। इसकी प्रक्रिया में जिला प्रशासन जुट गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी की सर्वे रिपोर्ट के बाद अब हवाई जहाज की उड़ान के लिए डीजीसीए से लाइसेंस लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

जमीन ट्रांसफर कराने को बुलाई बैठक स्थगित
डीएम दीपक मीणा ने शुक्रवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी के अभिलेखों में वन विभाग व विकास प्राधिकरण की जमीन ट्रांसफर कराने के लिए बैठक बुलाई थी। इसमें शामिल होने के लिए वन विभाग, विकास प्राधिकरण सहित कई विभाग के अधिकारी कलक्ट्रेट पहुंच गए थे, लेकिन लखनऊ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के कारण यह बैठक स्थगित करनी पड़ी। बताया गया है कि शनिवार को डीएम की अध्यक्षता में बैठक हो सकती है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी का सर्वे पूरा हो गया है। इसमें मौजूदा जमीन पर 200 मीटर चौड़ा और 2700 मीटर लंबे रनवे पर 72 सीटर हवाई जहाज उड़ान भर सकता है। डीजीसीए से लाइसेंस की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन एयरपोर्ट अथॉरिटी के अभिलेखों में जमीन दर्ज कराने में लगा है। एक सप्ताह में लगभग सभी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और टेंडर अपलोड कर दिया जाएगा। - डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, राज्यसभा सदस्य।

 

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