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मम्मी, तुम शोएब के साथ मत जाओ, स्थिति ठीक नहीं है...
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Tue, 11 Apr 2017 11:01 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शोएब की हकीकत यदि हम पहले ही जान जाते तो शायद ये दिन न देखने पड़ते। शोएब नेहा और सुमनलता को ऊंचे ख्वाब दिखाता था। छह माह से नेहा की अच्छी नौकरी लगवाने का दबाव डाल रहा था। नेहा के मेरठ कॉलेज में फर्स्ट ईयर के एग्जाम होते ही अपने ऑफिस में मैनेजर बना दिया था। लेकिन मालूम नहीं था कि शोएब के शातिर दिमाग में क्या चल रहा था। आखिर नेहा की हत्या हो गई तो सुमनलता अभी तक लापता है। नेहा के परिजन उस घड़ी को कोस रहे, जब उन्होंने शोएब पर विश्वास किया था।
परिजनों के अनुसार करीब पांच साल पहले शोएब कुरैशी ने नेहा की मां सुमनलता से आदित्य नाम से मुलाकात की थी। सुमनलता का पल्लवपुरम में ब्यूटी पार्लर था, जहां पास ही शोएब ने फाइनेंस कंपनी खोली थी। जिसके बाद से शोएब ने आदित्य बनकर परिवार के सदस्य की तरह जगह बना ली थी। करीब एक साल पहले उसका भांडा फूटा था। लेकिन उसके कुछ दिनों बाद ही विरोध के बीच शोएब का फिर से सुमनलता के घर आना-जाना हो गया था।
पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि करीब छह माह से शोएब सुमनलता से कह रहा था कि वह नेहा को पहले अपने ऑफिस में नौकरी देगा। फिर कहीं बड़ी कंपनी में लगवा देगा। सुमनलता ने नेहा के एग्जाम खत्म होने के बाद इसकी मंजूरी दे दी थी। एक अप्रैल से नेहा को शोएब ने सिटी सेंटर बच्चा पार्क स्थित ऑफिस में बतौर मैनेजर जॉब दी थी। नेहा की दोस्ती अपने साथ पढ़ने वाले अंकित से थी। लेकिन शोएब का इरादा कुछ और था और वह इसका विरोध करता था। पुलिस यह भी अंदेशा जता रही है कि शोएब ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए ही पूरी प्लानिंग के साथ यह ऑफिस खोला था।
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शोएब तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगा
मवाना में मिले महिला के शव की शिनाख्त करने मोर्चरी पहुंचे सुमनलता के पति पवन ने कहा कि मेरे घर में शोएब का आना-जाना होगा। लेकिन मैंने कभी उसे नहीं देखा। सामने आने पर पहचान भी नहीं सकता। उसने दोस्ती में मेरी बेटी की हत्या के साथ पत्नी को गायब किया है, उसे मैं जिंदा नहीं छोड़ूंगा। शोएब तो गद्दार है। पवन ने पुलिस से कहा कि उसका मन गवाही दे रहा है कि सुमनलता जिंदा है। उसे शोएब ने कहीं बंधक बना रखा है।
बेटी ने समझाया था, मां नहीं मानी
नेहा के गायब होने के बाद शोएब बृहस्पतिवार शाम पल्लवपुरम में सुमनलता के घर पहुंचा था। उसने नेहा को ढूंढ़ने की बात कहकर सुमनलता को साथ चलने को कहा, जिस पर सुमनलता की बड़ी बेटी निक्की ने कहा था कि मम्मी, तुम शोएब के साथ मत जाओ, स्थिति ठीक नहीं है। लेकिन शोएब सुमनलता को किसी तरह ले गया था। रात करीब 10 बजे सुमनलता को परिजनों ने कॉल की तो उसने कहा था कि वह धंजू गांव में है, आ रही है। उसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया था।
अमित है चश्मदीद
शास्त्रीनगर निवासी अमित नेहा मर्डर में चश्मदीद गवाह है, जो पुलिस हिरासत में है। अमित भी शोएब के ऑफिस में नौकरी करता था। अमित का कहना है कि बृहस्पतिवार को शोएब ने कहा कि उसे ऋषिकेश जाना है फोन पर उसने अमित को बुला लिया। लेकिन चौथी मंजिल का ऑफिस बंद मिला। बाद में शोएब एक कार के पास खड़ा मिला। पुलिस को शक है कि अमित ने नेहा की लाश को ले जाने में शोएब की मदद की है।
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परिजनों के अनुसार करीब पांच साल पहले शोएब कुरैशी ने नेहा की मां सुमनलता से आदित्य नाम से मुलाकात की थी। सुमनलता का पल्लवपुरम में ब्यूटी पार्लर था, जहां पास ही शोएब ने फाइनेंस कंपनी खोली थी। जिसके बाद से शोएब ने आदित्य बनकर परिवार के सदस्य की तरह जगह बना ली थी। करीब एक साल पहले उसका भांडा फूटा था। लेकिन उसके कुछ दिनों बाद ही विरोध के बीच शोएब का फिर से सुमनलता के घर आना-जाना हो गया था।
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पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि करीब छह माह से शोएब सुमनलता से कह रहा था कि वह नेहा को पहले अपने ऑफिस में नौकरी देगा। फिर कहीं बड़ी कंपनी में लगवा देगा। सुमनलता ने नेहा के एग्जाम खत्म होने के बाद इसकी मंजूरी दे दी थी। एक अप्रैल से नेहा को शोएब ने सिटी सेंटर बच्चा पार्क स्थित ऑफिस में बतौर मैनेजर जॉब दी थी। नेहा की दोस्ती अपने साथ पढ़ने वाले अंकित से थी। लेकिन शोएब का इरादा कुछ और था और वह इसका विरोध करता था। पुलिस यह भी अंदेशा जता रही है कि शोएब ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए ही पूरी प्लानिंग के साथ यह ऑफिस खोला था।
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शोएब तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगा
मवाना में मिले महिला के शव की शिनाख्त करने मोर्चरी पहुंचे सुमनलता के पति पवन ने कहा कि मेरे घर में शोएब का आना-जाना होगा। लेकिन मैंने कभी उसे नहीं देखा। सामने आने पर पहचान भी नहीं सकता। उसने दोस्ती में मेरी बेटी की हत्या के साथ पत्नी को गायब किया है, उसे मैं जिंदा नहीं छोड़ूंगा। शोएब तो गद्दार है। पवन ने पुलिस से कहा कि उसका मन गवाही दे रहा है कि सुमनलता जिंदा है। उसे शोएब ने कहीं बंधक बना रखा है।
बेटी ने समझाया था, मां नहीं मानी
नेहा के गायब होने के बाद शोएब बृहस्पतिवार शाम पल्लवपुरम में सुमनलता के घर पहुंचा था। उसने नेहा को ढूंढ़ने की बात कहकर सुमनलता को साथ चलने को कहा, जिस पर सुमनलता की बड़ी बेटी निक्की ने कहा था कि मम्मी, तुम शोएब के साथ मत जाओ, स्थिति ठीक नहीं है। लेकिन शोएब सुमनलता को किसी तरह ले गया था। रात करीब 10 बजे सुमनलता को परिजनों ने कॉल की तो उसने कहा था कि वह धंजू गांव में है, आ रही है। उसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया था।
अमित है चश्मदीद
शास्त्रीनगर निवासी अमित नेहा मर्डर में चश्मदीद गवाह है, जो पुलिस हिरासत में है। अमित भी शोएब के ऑफिस में नौकरी करता था। अमित का कहना है कि बृहस्पतिवार को शोएब ने कहा कि उसे ऋषिकेश जाना है फोन पर उसने अमित को बुला लिया। लेकिन चौथी मंजिल का ऑफिस बंद मिला। बाद में शोएब एक कार के पास खड़ा मिला। पुलिस को शक है कि अमित ने नेहा की लाश को ले जाने में शोएब की मदद की है।