UP Weather: तेज बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि, मुरझाए किसानों के चेहरे, फसलों को होगा नुकसान
Meerut News : पश्चिमी यूपी में शनिवार शाम को तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई। इसके बाद कई इलाकों में तेज बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि भी हुई।
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पश्चिमी यूपी में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। सरधना, रोहटा, सरूरपुर में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। कई क्षेत्रों में शनिवार शाम चार बजे तेज आंधी के साथ अचानक बारिश शुरू हो गई और करीब 20 मिनट तक ओलावृष्टि भी हुई। बेमौसम बरसात किसानों के लिए आफत बन गई। करीब 40 फीसद गेहूं, सरसों, चना, मसूर, मटर की फसलों को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है।
वहीं, बारिश और ओलावृष्टि होने से किसानों के चेहरे भी मुरझा गए हैं। किसानों का कहना है कि बेमौसम की बारिश व ओलों ने उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया है। गांवों में 100-100 ग्राम के ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। पहले ओले गिरे, इसके बाद गरज-चमक के साथ बारिश हुई। इससे लाही, चना, गेहूं, मसूर, अलसी सहित तमाम फसलों का नुकसान हुआ है।
हस्तिनापुर में पिछले कई दिनों की तेज धूप के बाद शुक्रवार की शाम को अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण तेज हवा और गरज के साथ देर रात से शुरू हुआ बूंदाबांदी का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। इस बीच क्षेत्र में कई स्थानों पर बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि भी हुई। बेमौसम बारिश से खादर क्षेत्र में तैयार खड़ी गेहूं और सरसों की फसल पर संकट के बादल मंडराने से किसानों की चिंताएं एक बार फिर बढ़ गईं।
क्षेत्र में शुक्रवार की शाम से बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू है। दो दिनों से हो रही बारिश से खादर क्षेत्र में इन दिनों किसानों के खेतों में पक कर तैयार खड़ी सरसों की फसल में बड़े नुकसान की संभावना है। वहीं, बूंदाबांदी और गरज के साथ कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि और तेज हवाओं से खेतों में गेहूं की फसल भी गिर गई। जिससे उनकी उत्पादन क्षमता प्रभावित होगी।
मौसम विशेषज्ञों ने रविवार तक हवा के साथ तेज बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम के परिवर्तित होने पर खादर क्षेत्र में निचले इलाकों में खड़ी गेहूं व सरसों की करीब 10 हजार हेक्टेयर फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इन दिनों किसानों के खेतों में सरसों की फसल काटकर रखी गई है। शुक्रवार की सुबह ही आसमान में हल्के बादल छा गए। जिससे बारिश के आसार नजर आने लगे। दिन के समय आसमान से बादल साफ हो गए और तेज धूप खिल उठी। दोपहर के समय बादल फिर से आसमान में छा गए। किसानों ने बादल साफ होने के बाद राहत की कुछ सांस ली। देर शाम को आसमान में बादल छा गए और तेज हवा चल पड़ी। जिसके बाद शुक्रवार की रात करीब नौ बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस बिच हवा की गति करीब 11 किलोमीटर प्रतिघंटा रही।
तेज बारिश हुई तो खादर में होगा नुकसान
खादर क्षेत्र के किसानों ने बाढ़ के बाद जैसे तैसे कर खेतों को सुखाकर सरसों और गेहूं की फसल की बुवाई की थी अभी तक बारिश ने होने के कारण खेतों में अच्छी फैसले खड़ी हुई थी परंतु दो दिनों से चल रही तेज हवा और बूंदाबांदी से सभी फैसले जमीन पर गिर गई हैं जिससे किसान पूरी तरह चिंतित नजर आ रहे हैं। अगर अधिक बारिश होती है तो खादर क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
दो दिन बारिश के आसार
दो दिनों तक क्षेत्र में बारिश के आसार बन रहे हैं। साथ में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। तेज बारिश हुई तो सरसों और गेहूं की उत्पादन क्षमता प्रभावित होगी।
नवीन चंद्रा
कृषि वैज्ञानिक स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र