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20 महीने में 18 बंदियों की मौत से कठघरे में स्वास्थ्य सेवाएं

Fri, 24 Sep 2021 01:32 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 01:32 AM IST
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Health services in the dock due to the death of 18 prisoners in 20 months
20 महीने में 18 बंदियों की मौत से कठघरे में स्वास्थ्य सेवाएं
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंदियों के बीमार होने और उपचार के दौरान मौत का सिलसिला जारी है। पिछले 20 महीने में यहां 18 बंदियों की मौत हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और समय पर उपचार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जेल प्रशासन का दावा है कि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर है, लेकिन थोड़े-थोड़े समय अंतराल पर यहां बंदियों की मौत हो रही है। बुधवार को भी यहां हत्या के आरोप में बंद एक बंदी ने दम तोड़ा। पिछले मामलों में भी बंदियों को इसी तरह बीमार होने के बाद हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। जेल प्रशासन ने शुरुआत में बुखार होने के बाद हालत बिगड़ने की बात कही, लेकिन मौत के बाद कारण कुछ और ही बताया गया। बंदी शुरुआती दौर में बुखार से पीड़ित हुए और इसके बाद उनकी हालत बिगड़ी चली गई।
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जेल चिकित्सालय एक नजर
जिला कारागार के अंदर चिकित्सालय में 30 बेड बंदियों के लिए हैं। दो वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में यहां बंदियों का इलाज किया जाता है। यहां दो फार्मासिस्ट, एक लैब सहायक भी है। असाध्य रोग की स्थिति में बंदियों को हायर सेंटर से उपचार दिलाया जाता है।
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आरटीआई में हुआ खुलासा
कोरोना काल में हुई इन मौतों को जेल प्रशासन ही नहीं शासन भी नजर अंदाज करता आया है। छात्र नेता विनीत चपराना ने आरटीआई दाखिल की थी। जिसके जवाब में जानकारी दी गई है कि एक जनवरी, 2020 से 26 अगस्त, 2021 के बीच जेल के 17 बंदियों की मौत हो चुकी है।

बिसरा सुरक्षित, होगी जांच
जेल में बंदियों की चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था है। असाध्य रोगों की स्थिति में भी उन्हें बेहतर उपचार दिलाया जाता है और जेल के चिकित्सालय में रखकर निगरानी होती है। जिस बंदी की बुधवार को मौत हुई है, उसका बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। जांच के लिए आगरा लैब भेजकर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। - राकेश कुमार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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