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Meerut News: लैब तो बन गई, पर नहीं मिला स्टाफ-उपकरण
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फोटो
लैब तो बन गई, पर नहीं मिला स्टाफ-उपकरण
जिला अस्पताल में बनी इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब नहीं हो पाई शुरू
लैब शुरू होने से गंभीर बीमारियों की होगी जांच, मेडिकल कॉलेज नहीं भेजने पड़ेंगे सैंपल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। पीएल शर्मा जिला अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) तो बन गई और पिछले साल सितंबर में इसका शिलान्यास भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया वर्चुअली कर दिया, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। न तो पूरे जांच उपकरण आए हैं और न ही अलग से स्टाफ मिला है।
इस लैब में गंभीर बीमारियों की जांच होनी है। अभी जो सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ते हैं, लैब बनने के बाद वे वहां नहीं भेजने पड़ेंगे। जिला चिकित्सालय में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का निर्माण किया गया है। यह लैब मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब की तरह कार्य करेगी, जबकि जिला अस्पताल में जो पहले से पैथोलॉजी लैब है वह पहले की तरह कार्य करती रहेगी।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि आईपीएचएल लैब शुरू होने के बाद सभी जांच सुविधा एक ही जगह मिलेंगी। मरीजों को जांच के लिए अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि लैब शुरू नहीं हो पाई है। इसे शुरू कराने के लिए पत्राचार चल रहा है।
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ये होंगी जांचें
आईपीएचएल इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में कोरोना, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, कालाजार, डायरिया, टायफायड, हेपेटाइटिस, संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें, कैंसर, अल्जाइमर, अन्य सभी गैर संचारी रोगों की जांच। अभी इनमें से अधिकांश जांचें मेडिकल कॉलेज में होती हैं।
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लैब तो बन गई, पर नहीं मिला स्टाफ-उपकरण
जिला अस्पताल में बनी इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब नहीं हो पाई शुरू
लैब शुरू होने से गंभीर बीमारियों की होगी जांच, मेडिकल कॉलेज नहीं भेजने पड़ेंगे सैंपल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। पीएल शर्मा जिला अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) तो बन गई और पिछले साल सितंबर में इसका शिलान्यास भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया वर्चुअली कर दिया, लेकिन यह अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। न तो पूरे जांच उपकरण आए हैं और न ही अलग से स्टाफ मिला है।
इस लैब में गंभीर बीमारियों की जांच होनी है। अभी जो सैंपल मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ते हैं, लैब बनने के बाद वे वहां नहीं भेजने पड़ेंगे। जिला चिकित्सालय में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का निर्माण किया गया है। यह लैब मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब की तरह कार्य करेगी, जबकि जिला अस्पताल में जो पहले से पैथोलॉजी लैब है वह पहले की तरह कार्य करती रहेगी।
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जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि आईपीएचएल लैब शुरू होने के बाद सभी जांच सुविधा एक ही जगह मिलेंगी। मरीजों को जांच के लिए अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि लैब शुरू नहीं हो पाई है। इसे शुरू कराने के लिए पत्राचार चल रहा है।
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ये होंगी जांचें
आईपीएचएल इंट्रीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में कोरोना, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, कालाजार, डायरिया, टायफायड, हेपेटाइटिस, संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें, कैंसर, अल्जाइमर, अन्य सभी गैर संचारी रोगों की जांच। अभी इनमें से अधिकांश जांचें मेडिकल कॉलेज में होती हैं।