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हेड कांस्टेबल और साले ने साढ़े 25 हजार के 9.38 लाख बनाए
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मेरठ/मवाना। स्वाॅट टीम और मवाना पुलिस ने असली नोटों की गड्डी के बीच में कागज लगाकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए गाजियाबाद जनपद के भोजपुर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल मोहम्मद इमरान समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे। गिरोह के चारों सदस्यों से साढ़े 25 हजार के असली नोट, नकली नोटों की 37 गड्डी, ब्रेजा कार, स्विफ्ट कार, बाइक, तमंचा आदि बरामद हुए। आरोपियों ने साढ़े 25 हजार रुपयों को ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर 9.38 लाख रुपये की गडि्डयां बनाई थी। मेरठ पुलिस ने हेड कांस्टेबल के पकड़े जाने की रिपोर्ट गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को भेज दी है। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ लोग नोटों की नई गड्डी देने के नाम पर ठगी करते हैं। गिरोह के सदस्य गड्डी में ऊपर और नीचे असली नोट लगाते हैं तथा बीच में नोट के साइज के कागज लगाते हैं। नए नोटों की गड्डी देने और नोटों को तीन गुना करके देने के नाम पर ठगी करते हैं। सूचना पर स्वाट टीम और मवाना पुलिस ने गांव भैंसा को जाने वाले बाईपास पर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के नाम मोहम्मद इमरान निवासी रसूलपुर गढ़ी, थाना मीरापुर, जनपद मुजफ्फरनगर, वसीम निवासी हीरालाल मवाना, सलीम और मोहम्मद हासिम निवासीगण गांव मेदपुर थाना भावनपुर मेरठ हैं।
उन्होंने बताया कि मो. इमरान यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल है और गाजियाबाद जनपद के थाना भोजपुर में तैनात है। सलीम उसका साला है। हेडकांस्टेबल के पास से एक बैग मिला, जिसमें 500 रुपये की 18 गड्डी और 200 रुपये की 19 गड्डी बरामद हुईं। प्रत्येक गड्डी पर ऊपर और नीचे असली नोट व बीच में नोट के साइज के सफेद कागज लगे थे। सभी पन्नी में पैक थे। 25500 रुपये असली, 9 एमएम के पांच कारतूस और ब्रेजा कार बरामद हुई। दूसरे आरोपी वसीम से मोबाइल, सलीम से तमंचा, मोबाइल फोन, मो. हासिम से बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया। इस दौरान गिरोह के तीन सदस्य अतीकुर्रहमान निवासी नाहली थाना सरधना, जावेद उर्फ सरफराज राणा निवासी गांव भैंसानी थानाभवन जिला शामली व मोहसिन उर्फ मुजरी निवासी औरंगाबाद थाना भावनपुर कार में बैठकर भाग गए। इनके तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हैं। पकड़े गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि हेड कांस्टेबल मोहम्मद इमरान के पकड़े जाने की रिपोर्ट गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को भेज दी है।
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ऐसे करते थे ठगी
सौदा होते ही हेड कांस्टेबल अपने साले को फर्जी सिपाही बनाकर पहुंच जाता था मौके पर
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी लोगों को एक लाख के असली नोट लेकर असली जैसी दिखाई देने वाली चार लाख की नकली करेंसी देने की बात कहकर तयशुदा स्थान पर बुलाते थे। जैसे ही पार्टी से असली नोट लेते तभी हेड कांस्टेबल मो. इमरान अपने साले वसीम को पुलिस की वर्दी पहनाकर मौके पर पहुंच जाता। इनके साथियों को असली करेंसी लेकर भागने में मदद मिल जाती थी। इस संबंध में ठगी का शिकार हुए मो. आलम निवासी मोहल्ला ततारपुर जामा मस्जिद, अगवानपुर सिविल लाइंस मुरादाबाद ने कुछ दिन पहले मवाना थाने पर चार नामजद और दो अज्ञात पुलिस वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ लोग नोटों की नई गड्डी देने के नाम पर ठगी करते हैं। गिरोह के सदस्य गड्डी में ऊपर और नीचे असली नोट लगाते हैं तथा बीच में नोट के साइज के कागज लगाते हैं। नए नोटों की गड्डी देने और नोटों को तीन गुना करके देने के नाम पर ठगी करते हैं। सूचना पर स्वाट टीम और मवाना पुलिस ने गांव भैंसा को जाने वाले बाईपास पर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के नाम मोहम्मद इमरान निवासी रसूलपुर गढ़ी, थाना मीरापुर, जनपद मुजफ्फरनगर, वसीम निवासी हीरालाल मवाना, सलीम और मोहम्मद हासिम निवासीगण गांव मेदपुर थाना भावनपुर मेरठ हैं।
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उन्होंने बताया कि मो. इमरान यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल है और गाजियाबाद जनपद के थाना भोजपुर में तैनात है। सलीम उसका साला है। हेडकांस्टेबल के पास से एक बैग मिला, जिसमें 500 रुपये की 18 गड्डी और 200 रुपये की 19 गड्डी बरामद हुईं। प्रत्येक गड्डी पर ऊपर और नीचे असली नोट व बीच में नोट के साइज के सफेद कागज लगे थे। सभी पन्नी में पैक थे। 25500 रुपये असली, 9 एमएम के पांच कारतूस और ब्रेजा कार बरामद हुई। दूसरे आरोपी वसीम से मोबाइल, सलीम से तमंचा, मोबाइल फोन, मो. हासिम से बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया। इस दौरान गिरोह के तीन सदस्य अतीकुर्रहमान निवासी नाहली थाना सरधना, जावेद उर्फ सरफराज राणा निवासी गांव भैंसानी थानाभवन जिला शामली व मोहसिन उर्फ मुजरी निवासी औरंगाबाद थाना भावनपुर कार में बैठकर भाग गए। इनके तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हैं। पकड़े गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि हेड कांस्टेबल मोहम्मद इमरान के पकड़े जाने की रिपोर्ट गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को भेज दी है।
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ऐसे करते थे ठगी
सौदा होते ही हेड कांस्टेबल अपने साले को फर्जी सिपाही बनाकर पहुंच जाता था मौके पर
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी लोगों को एक लाख के असली नोट लेकर असली जैसी दिखाई देने वाली चार लाख की नकली करेंसी देने की बात कहकर तयशुदा स्थान पर बुलाते थे। जैसे ही पार्टी से असली नोट लेते तभी हेड कांस्टेबल मो. इमरान अपने साले वसीम को पुलिस की वर्दी पहनाकर मौके पर पहुंच जाता। इनके साथियों को असली करेंसी लेकर भागने में मदद मिल जाती थी। इस संबंध में ठगी का शिकार हुए मो. आलम निवासी मोहल्ला ततारपुर जामा मस्जिद, अगवानपुर सिविल लाइंस मुरादाबाद ने कुछ दिन पहले मवाना थाने पर चार नामजद और दो अज्ञात पुलिस वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।