मेरठ। हम ख़याल फाउंडेशन के द्वारा लिसाड़ी क्षेत्र आदिल चौधरी मार्केट में मुशायरा हुआ। कार्यक्रम में हर किसी के दिलों में शायरों में हिंंदुस्तानी होने का जज्बा जागृत किया।
मुशायरे की शुरुआत हाजी इसरार सैफी ने शमां रोशन कर की। मुशायरे की सरपरस्ती हाजी आदिल चौधरी द्वारा की गई। संयोजन अधिवक्ता इरशाद चौहान और अध्यक्षता प्रोफेसर युनूस गाजी ने की। इरशाद बेताब ने देशभक्ति को जागृत करते हुए कहा कि जो करता नहीं है वतन से मोहब्बत, वो कुछ भी हो हिन्दुस्तानी नहीं है। इन शब्दों ने हर हिंदुस्तानी के दिलों में जुनून सा जगा दिया। वाजिद मेरठी ने पढ़ा कि तिरंगे के ही रंगों से तो है पहचान ए वाजिद, इन्हीं रंगों के मिलने से तो हिंदुस्तान बनता है। मुशायरे का संचालन शायर फरमान ज़हीर ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे प्रोफेसर असलम जमशेदपुर ने सामाजिक समरसता और भाईचारा बनाए रखने के लिए सभी को प्रेरित किया। शायर जहीर मेरठ के अलावा फ़ैज़ान मेरठी , राशिद कैफ़ी नानपुरी, निसार अहमद अहकर ने अपनी शेरो-शायरी से श्रोताओं का दिल जीता। मुशायरे के कनवीनर इरशाद बेताब रहे। शायरों ने प्रेम, समाज और जीवन की जटिलताओं के अतिरिक्त देशभक्ति की पंक्तियां पढ़ी। कार्यक्रम में हाजी अख्तर आलम , शमशुद्दीन साबरी , अरशद सुल्तान, आफताब खान , जीशान खान , अब्दुल कय्यूम एडवोकेट आदि उपस्थित रहे।