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हवाला या फंडिंग... जांच में उलझी पुलिस
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हवाला या फंडिंग... जांच में उलझी पुलिस
मेरठ। सऊदी अरब से वेस्ट यूपी में मोटी रकम आने के मामले में सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। इस प्रकरण में गिरफ्तार दो आरोपियों से बृहस्पतिवार को एटीएस के इंस्पेक्टर परविंदर सिंह और राजेंद्र त्यागी ने गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में हवाला का संकेत मिल रहा है, हालांकि अभी हिंसा की फंडिंग के मामले में भी पड़ताल चल रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इसकी जांच कर सकता है।
सदर पुलिस ने जीआईसी के पास यूनियन बैंक में अलग-अलग खातों में पैसा जमा करते दिलनवाज निवासी लिसाड़ीगेट और सुहेल निवासी बड़गांव सहारनपुर को पकड़ा था। तलाशी के दौरान दोनों के पास से 23 लाख रुपये कैश मिला था। जबकि 5.10 लाख रुपया दोनों आरोपी 29 खातों में जमा करा चुके थे। पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि देवबंद निवासी वासित उनको रोजाना ट्रेन से आकर पैसा देकर जाता था जोकि उनको अलग-अलग खातों में जमा कराना होता है। खाता नंबर सऊदी अरब से सुहेल का भाई मुंतजिर व्हाट्सएप पर भेजता था। एसओ सदर के मुताबिक चार खातों की जांच हुई। जिसमें खाताधारकों के परिजनों के खाते हैं, जोकि सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। इससे माना जा रहा है कि सऊदी अरब से हवाला के जरिये पैसा आ रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के परिजनों से बुलाकर पूछताछ की है।
220 खातों की मिली डिटेल
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना है कि सऊदी अरब से देवबंद में मोटी रकम जा रही है। देवबंद से वासित बैग में भरकर मेरठ, मुजफ्फरनगर व शामली पहुंचाता था। जहां से अलग-अलग लोग पैसा लेते और बैंक खातों में जमा करते थे। यह प्रक्रिया दो महीने से चलनी बताई गई है। करोड़ों रुपये को बैग ले जाकर बैंकों तक जाते थे। एसपी सिटी ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से करीब 220 खातों की डिटेल मिली है। जिनके बारे में बैंकों को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी है कि इन खातों में कब से पैसा आ रहा है। चार खातों में लिखे मोबाइल नंबरों पर पुलिस ने कॉल की जो परिवार के लोग सऊदी अरब जाना बताए गए।
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अभी कुछ कहना जल्दबाजी
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि आयकर विभाग और एटीएस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की है। पैसा कहां से आकर किसके खाते में जा रहा था, इसकी जांच में पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां भी जुटी हैं। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा।
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मेरठ। सऊदी अरब से वेस्ट यूपी में मोटी रकम आने के मामले में सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। इस प्रकरण में गिरफ्तार दो आरोपियों से बृहस्पतिवार को एटीएस के इंस्पेक्टर परविंदर सिंह और राजेंद्र त्यागी ने गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में हवाला का संकेत मिल रहा है, हालांकि अभी हिंसा की फंडिंग के मामले में भी पड़ताल चल रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इसकी जांच कर सकता है।
सदर पुलिस ने जीआईसी के पास यूनियन बैंक में अलग-अलग खातों में पैसा जमा करते दिलनवाज निवासी लिसाड़ीगेट और सुहेल निवासी बड़गांव सहारनपुर को पकड़ा था। तलाशी के दौरान दोनों के पास से 23 लाख रुपये कैश मिला था। जबकि 5.10 लाख रुपया दोनों आरोपी 29 खातों में जमा करा चुके थे। पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि देवबंद निवासी वासित उनको रोजाना ट्रेन से आकर पैसा देकर जाता था जोकि उनको अलग-अलग खातों में जमा कराना होता है। खाता नंबर सऊदी अरब से सुहेल का भाई मुंतजिर व्हाट्सएप पर भेजता था। एसओ सदर के मुताबिक चार खातों की जांच हुई। जिसमें खाताधारकों के परिजनों के खाते हैं, जोकि सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। इससे माना जा रहा है कि सऊदी अरब से हवाला के जरिये पैसा आ रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के परिजनों से बुलाकर पूछताछ की है।
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220 खातों की मिली डिटेल
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना है कि सऊदी अरब से देवबंद में मोटी रकम जा रही है। देवबंद से वासित बैग में भरकर मेरठ, मुजफ्फरनगर व शामली पहुंचाता था। जहां से अलग-अलग लोग पैसा लेते और बैंक खातों में जमा करते थे। यह प्रक्रिया दो महीने से चलनी बताई गई है। करोड़ों रुपये को बैग ले जाकर बैंकों तक जाते थे। एसपी सिटी ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से करीब 220 खातों की डिटेल मिली है। जिनके बारे में बैंकों को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी है कि इन खातों में कब से पैसा आ रहा है। चार खातों में लिखे मोबाइल नंबरों पर पुलिस ने कॉल की जो परिवार के लोग सऊदी अरब जाना बताए गए।
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अभी कुछ कहना जल्दबाजी
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि आयकर विभाग और एटीएस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की है। पैसा कहां से आकर किसके खाते में जा रहा था, इसकी जांच में पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां भी जुटी हैं। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा।