{"_id":"6aa429bb4ddf1d6a4c0478a7","slug":"hastinapur-will-be-immersed-in-devotion-to-ganpati-bappa-meerut-news-c-228-1-mwn1001-105436-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: गणपति बप्पा की भक्ति में डूबेगा हस्तिनापुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: गणपति बप्पा की भक्ति में डूबेगा हस्तिनापुर
विज्ञापन
हस्तिनापुर में गणेश चतुर्थी महोत्सव के लिए गणपति बप्पा की प्रतिमा तैयार करते कलाकार स्रोत संवाद
- जहां इतिहास और आस्था, अब विराजेंगे गणपति बप्पा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। गणपति बप्पा के स्वागत के लिए ऐतिहासिक नगरी तैयार हो रही है। गणपति की प्रतिमा तैयार करने में मूर्तिकार भी अपनी कला का पूरा हुनर लगा रहे हैं। कहीं भगवान गणेश को पारंपरिक स्वरूप दिया जा रहा है तो कहीं आकर्षक और संदेशपरक रूप में प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। मूर्तिकार इन संदेशों को मूर्तियों के जरिए जीवंत करने में जुटे हैं।
पारंपरिक रूपों के साथ-साथ ऐसे स्वरूप गढ़े जा रहे हैं जो युवाओं को प्रेरित करें। यह आयोजन केवल औपचारिकता न बनकर लोगों को आत्ममंथन करने और गणपति के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का एक सुंदर अवसर बन सके। विभिन्न स्थानों पर पंडाल सजने लगे हैं।
भारतीय पांडव सेना के निदेशक रणधीर नाथ उपाध्याय ने बताया कि गणेश पुराण में भगवान गणेश के 32 प्रमुख स्वरूपों का वर्णन मिलता है। प्रत्येक स्वरूप को अलग धार्मिक और प्रतीकात्मक महत्व से जोड़ा गया है। इसके अलावा भगवान गणेश के आठ प्रमुख अवतारों का भी विशेष उल्लेख मिलता है। उन्होंने बताया कि गणपति के स्वरूप केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें मनुष्य के जीवन को बेहतर बनाने के संदेश भी निहित हैं। कहीं बुद्धि और विवेक, कहीं साहस तो कहीं संयम और धैर्य का संदेश मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। गणपति बप्पा के स्वागत के लिए ऐतिहासिक नगरी तैयार हो रही है। गणपति की प्रतिमा तैयार करने में मूर्तिकार भी अपनी कला का पूरा हुनर लगा रहे हैं। कहीं भगवान गणेश को पारंपरिक स्वरूप दिया जा रहा है तो कहीं आकर्षक और संदेशपरक रूप में प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। मूर्तिकार इन संदेशों को मूर्तियों के जरिए जीवंत करने में जुटे हैं।
पारंपरिक रूपों के साथ-साथ ऐसे स्वरूप गढ़े जा रहे हैं जो युवाओं को प्रेरित करें। यह आयोजन केवल औपचारिकता न बनकर लोगों को आत्ममंथन करने और गणपति के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का एक सुंदर अवसर बन सके। विभिन्न स्थानों पर पंडाल सजने लगे हैं।
विज्ञापन
भारतीय पांडव सेना के निदेशक रणधीर नाथ उपाध्याय ने बताया कि गणेश पुराण में भगवान गणेश के 32 प्रमुख स्वरूपों का वर्णन मिलता है। प्रत्येक स्वरूप को अलग धार्मिक और प्रतीकात्मक महत्व से जोड़ा गया है। इसके अलावा भगवान गणेश के आठ प्रमुख अवतारों का भी विशेष उल्लेख मिलता है। उन्होंने बताया कि गणपति के स्वरूप केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें मनुष्य के जीवन को बेहतर बनाने के संदेश भी निहित हैं। कहीं बुद्धि और विवेक, कहीं साहस तो कहीं संयम और धैर्य का संदेश मिलता है।
विज्ञापन