फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Hashimpura incident: Two sons murdered, mother lying on the cot...

हाशिमपुरा कांड: मार दिए थे दो बेटे, चारपाई पर पड़ी मां की आंखें नम... छह साल का था जमीर, जब पिता की हत्या हुई

Sat, 07 Dec 2024 12:30 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Sat, 07 Dec 2024 12:30 AM IST
सार

हाशिमपुरा कांड के आरोपी आठ पीएसीकर्मियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। इसे लेकर हाशिमपुरा के लोगों में नाराजगी है, मगर उनका कहना है कि वे इंसाफ की लड़ाई जारी रखेंगे। 

विज्ञापन
Hashimpura incident: Two sons murdered, mother lying on the cot...
कमरुद्दीन की फोटो के साथ मां जैतून और भाई शमसुद्दीन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सांप्रदायिक दंगों के दौरान 22 मई 1987 को पीएसी कर्मी मेरठ के हाशिमपुरा के बेकसूर लोगों को गाड़ी में भरकर ले गए थे। मुरादनगर गंगनहर के पास ले जाकर 42 लोगों को गोलियों से भून दिया था। हाशिमपुरा कांड के आठ दोषियों को जमानत मिलने के बाद पीड़ित परिवारों की इंसाफ की उम्मीद फिर धूमिल हो गई है। उन्होंने कहा कि आज भी वह दिन याद करके आंखे भर आती हैं। जख्म हरे हो जाते हैं। आरोपियों को कोर्ट से राहत मिलने के बाद आगे की पैरवी जरूर करेंगे लेकिन दो पीढ़ियों के पैर पैरवी कर-करके दुख चुके हैं।
विज्ञापन

37 साल हो गए, नहीं भरे आज भी जख्म

हाशिमपुरा के रहने वाले कमरुद्दीन पुत्र जमालुद्दीन की जान चली गई थी। मां जैतून बेगम और भाई शमसुद्दीन ने बताया कि घटना से दो साल पहले कमरुद्दीन की शादी हुई थी। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन 1987 में मौत के बाद घर की सारी खुशियां चली गईं। पिता जमालुद्दीन ने कोर्ट में केस लड़ा। पूरी पैरवी की लेकिन दो साल पहले पिता की भी मौत हो गई। आज भी हमारे जख्म हरे हैं।
विज्ञापन

 

Hashimpura incident: Two sons murdered, mother lying on the cot...
मृतक सिराज की बहन नसीम बानो। - फोटो : अमर उजाला

अब ऊपर वाले पर ही भरोसा

हाशिमपुरा निवासी सिराज अहमद पुत्र शब्बीर अहमद की भी पीएसी की गोली लगने से मौत हुई थी। बहन नसीम बानो ने बताया कि चार बहनों में अकेला भाई सिराज था। उस समय घर का चिराग बुझ गया था। अब तो केवल ऊपर वाले पर ही भरोसा है। सिराज की शादी होने वाली थी, उससे पहले पीएसी की गोली लगने से मौत हो गई। 

Hashimpura incident: Two sons murdered, mother lying on the cot...
हाजी मुस्तकीम का बेटा जमीर। - फोटो : अमर उजाला

मैं बच्चा था, बेगुनाह पिता की लाश पड़ी थी

हाशिमपुरा के रहने वाले हाजी मुस्तकीम भी इस घटना के शिकार हो गए थे। उनकी भी मौत हो गई थी। मुस्तकीम के बेटे जमीर ने बताया कि जिस समय पिता के साथ घटना हुई, उस समय वह छह साल का था। उसको तो कुछ याद नहीं। पिता की शक्ल भी याद नहीं है। चाचा फईमुद्दीन की भी मौत हुई थी। उनका परिवार दिल्ली में रहता है। हमारी मांग है कि दोषियों को जमानत देने की बजाय सख्त सजा हो, जो दुनिया के लिए नजीर बने।
विज्ञापन

Hashimpura incident: Two sons murdered, mother lying on the cot...
कय्यूम और अय्यूब की मां बुशरा। - फोटो : अमर उजाला

दो बेटों की गई थी जान, चारपाई पर लेटी मां मांग रही इंसाफ

हाशिमपुरा निवासी मोहम्मद कय्यूम, मोहम्मद अय्यूब की भी हत्या हुई थी। बिस्तर पर लेटी मां बुशरा ने बताया कि अब उसका एक बेटा शकील है, जो उसके साथ रहता है। पुलिस कस्टडी में हत्या की गई है। ऐसे में जब पुलिसकर्मियों ने हत्या की है तो उनको जमानत क्यों दी गई है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed