{"_id":"5b47ae184f1c1bce3b8b4b9a","slug":"hartaali-lekhpaalo-par-gaaj","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताली लेखपालों पर गाज, आठ नेता निलंबित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताली लेखपालों पर गाज, आठ नेता निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन के निर्देश पर हड़ताली लेखपालों पर गाज गिरना शुरू हो गई। शुरूआत में दबाव बनाने के लिए हड़ताली लेखपालों के आठ नेताओं को निलंबित करने के साथ अस्थायी रूप से काम कर रहे 20 लेखपालों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन रामचंद्र ने यह कार्रवाई की।
प्रदेश भर में लेखपाल पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 26 जून से हड़ताल पर हैं। तभी से तहसीलों में तमाम काम बंद हैं। लेखपालों का सबसे अहम काम आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों के लिए आने वाले आवेदन पत्रों पर सत्यापन रिपोर्ट लगाना है। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रमाण पत्र तैयार होते हैं। लेकिन पिछले 20 दिन से प्रमाण पत्र बनाने का काम रुका हुआ है। जबकि इस समय विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को इन प्रमाण पत्रों की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है।
लेखपालों की इस हड़ताल को इन्हीं कारणों से प्रदेश शासन ने अवैध घोषित कर दिया था और पिछले दिनों हड़ताली लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। कई जनपदों में कार्रवाई शुरू भी हुई। लेकिन मेरठ में अभी तक यह कार्रवाई रुकी हुई थी। लेकिन शासन के सख्त रुख को देखते हुए बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लेखपाल संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष विनोद कुमार कश्यप, जिलाध्यक्ष लोकेंद्र राठी, सचिव इंद्रीय दमन त्यागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल रहमान, कनिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी, उपसचिव नीरज कुमार, कोषाध्यक्ष मुनेंद्र शर्मा और ऑडिटर दिनेश कश्यप को निलंबित कर दिया। जनपद में 154 लेखपाल कार्यरत हैं, इनका वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ अस्थायी रूप से काम कर रहे 20 लेखपालों को सेवा समाप्ति का नोटिस भी जारी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश भर में लेखपाल पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 26 जून से हड़ताल पर हैं। तभी से तहसीलों में तमाम काम बंद हैं। लेखपालों का सबसे अहम काम आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों के लिए आने वाले आवेदन पत्रों पर सत्यापन रिपोर्ट लगाना है। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रमाण पत्र तैयार होते हैं। लेकिन पिछले 20 दिन से प्रमाण पत्र बनाने का काम रुका हुआ है। जबकि इस समय विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को इन प्रमाण पत्रों की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन
लेखपालों की इस हड़ताल को इन्हीं कारणों से प्रदेश शासन ने अवैध घोषित कर दिया था और पिछले दिनों हड़ताली लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। कई जनपदों में कार्रवाई शुरू भी हुई। लेकिन मेरठ में अभी तक यह कार्रवाई रुकी हुई थी। लेकिन शासन के सख्त रुख को देखते हुए बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लेखपाल संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष विनोद कुमार कश्यप, जिलाध्यक्ष लोकेंद्र राठी, सचिव इंद्रीय दमन त्यागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल रहमान, कनिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी, उपसचिव नीरज कुमार, कोषाध्यक्ष मुनेंद्र शर्मा और ऑडिटर दिनेश कश्यप को निलंबित कर दिया। जनपद में 154 लेखपाल कार्यरत हैं, इनका वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ अस्थायी रूप से काम कर रहे 20 लेखपालों को सेवा समाप्ति का नोटिस भी जारी किया गया है।
विज्ञापन