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इकबाल को राजस्व परिषद से मिली राहत

Mon, 15 Jul 2019 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2019 11:21 PM IST
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Haji Iqbal received relief from the Revenue Council
हाजी इकबाल को राजस्व परिषद से मिली राहत
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सहारनपुर। हाजी इकबाल और उसके परिवार के लोगों द्वारा खरीदी गई जमीन के संबंध में की जा रही कार्रवाई पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने स्थगन आदेश दिया है। राजस्व परिषद न्यायालय ने यह आदेश गत नौ जुलाई को किया है। जबकि गत 12 जुलाई को अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने खरीदी गई भूमि को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार ने बताया कि हमें राजस्व परिषद को कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
इकबाल और उसके परिवार के सदस्यों के बेहट तहसील क्षेत्र में जमीन खरीदने के मामले की एसडीएम बेहट ने जांच की थी और उनकी जांच आख्या रिपोर्ट पर 30 मई 2018 को जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को मामला निस्तारित करने को कहा था। जिस पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार ने गत 12 जुलाई को फैसला सुनाया। उन्होंने हाजी इकबाल व उनके बेटे मोहम्मद वाजिद के बेहट तहसील क्षेत्र में भूमि खरीदने को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता का उल्लंघन माना था और खरीदी गई करीब 35 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था।
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हाजी इकबाल और उनके बेटे मोहम्मद वाजिद ने जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के 30 मई 2018 के आदेश को उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद में चुनौती दी थी। गत नौ अप्रैल को यह वाद अदम पैरवी में खारिज हो गया था। बाद में हाजी इकबाल के अधिवक्ता ने 11 जून 2019 को पुन: प्रार्थना पत्र दिया गया। राजस्व परिषद ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए निगरानी मूल नंबर पर कायम की थी। हाजी इकबाल की तरफ से 19 जून 2019 को हुए हाईकोर्ट के निर्देश के संबंध में एक और प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें राजस्व परिषद को बिना किसी विलंब के निगरानी निस्तारित करने को कहा गया था। इस वाद की सुनवाई गत नौ जुलाई राजस्व परिषद में हुई। हाजी इकबाल पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की नियमावली के नियम 103 के मुताबिक ऐसे प्रकरण में उपजिलाधिकारी द्वारा जांच और आवश्यक आदेश पारित किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान प्रकरण में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा वाद दर्ज किया गया। जो भी भूमि खरीदी गई है, वह उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 लागू होने से पूर्व की है। इसलिए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 का उल्लंघन नहीं है।
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हाजी इकबाल के भाई बसपा एमएलसी हाजी महमूद अली ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के सदस्य डाक्टर गुरदीप सिंह ने स्थगन आदेश दिया है और विपक्षीगण को नोटिस जारी कर अभिलेख मंगाए हैं। जिला मजिस्ट्रेट सहारनपुर के न्यायालय से 30 मई 2018 को हुए आदेश के क्रम में प्रचलित कार्रवाई स्थगित रहेगी। इस वाद की सुनवाई नौ अक्तूबर 2019 को होगी।
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